विद्यार्थी सहयोग शिविर में पहुंचे डीएम-एसपी, समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर

विद्यार्थी सहयोग शिविर का डीएम-एसपी ने किया संयुक्त निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश

भभुआ (कैमूर)। बिहार सरकार की पहल के तहत प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को आयोजित होने वाले ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को कैमूर जिले में विभिन्न स्थानों पर सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुनकर उनके प्रभावी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में जिला पदाधिकारी, कैमूर एवं पुलिस अधीक्षक, कैमूर ने संयुक्त रूप से विभिन्न विद्यार्थी सहयोग शिविरों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने जननायक कर्पूरी ठाकुर अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, बाबू जगजीवन राम महिला कल्याण छात्रावास तथा भूपेश गुप्ता इंटर महाविद्यालय में आयोजित विद्यार्थी सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों से प्राप्त शिकायतों तथा उनके समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान शिविर सुचारू रूप से संचालित पाया गया।

विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यमबिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ एवं शिविर का उद्देश्य राज्य के मेहनती और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक एवं संस्थागत समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। सरकारी शैक्षणिक संस्थानों के वास्तविक (Bonafide) विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कराने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दे सकते हैं।शिविर एवं पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को दर्ज किया जा सकता है।

इनमें कक्षाओं का समय पर संचालन नहीं होना, शिक्षकों की अनुपस्थिति, परीक्षा एवं परीक्षाफल में विलंब, अनाधिकृत शुल्क की वसूली, बिजली की समस्या, बैठने की समुचित व्यवस्था का अभाव, प्रयोगशाला से जुड़ी कमियां, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं शामिल हैं। प्राप्त शिकायतों का अंतिम निस्तारण अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किए जाने का प्रावधान है।पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने पर जोरनिरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने कॉलेजों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं को विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने पुस्तकालयों को और अधिक उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में नई पुस्तकें उपलब्ध कराने तथा पुस्तकालयों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। पुस्तकालयों में पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान एवं अन्य उपयोगी विषयों की पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किया जाए।आधारभूत संरचना और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देशजिला पदाधिकारी ने छात्रावासों एवं शैक्षणिक संस्थानों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बिजली व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने तथा विद्यार्थियों के हित में चौबीस घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।साथ ही, ऊर्जा की बचत और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि संस्थानों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके।

स्वच्छता और नवाचार पर भी विशेष जोरनिरीक्षण के दौरान परिसर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी जिला पदाधिकारी ने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास एवं महाविद्यालय परिसर को केवल साफ-सुथरा ही नहीं, बल्कि सुंदर, व्यवस्थित और विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी बनाया जाना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिसर के बेहतर उपयोग के लिए नई पहल एवं नवाचार की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के साथ-साथ उनके रहने, पढ़ने और अन्य गतिविधियों के लिए सुविधाजनक माहौल विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जाए।विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बलजिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए खेल, स्वास्थ्य, स्वच्छता, अध्ययन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी मजबूत किया जाना चाहिए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की आवश्यकताओं का नियमित रूप से आकलन करते हुए आधारभूत संरचना एवं अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।समयबद्ध और पारदर्शी समाधान प्रशासन की प्राथमिकतानिरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं विद्यार्थी सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समय पर, पारदर्शी एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना है।

विद्यार्थियों द्वारा दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि शिविर का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंच सके। प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने, उनका समाधान करने और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए इस पहल को प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया जाए।जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के संयुक्त निरीक्षण से विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान तथा शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार को लेकर प्रशासन की गंभीरता भी स्पष्ट हुई।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!