
कुदरा में सफाई व्यवस्था की खुली पोल, सर्विस लाइन में कचरे का अंबारकई दिनों से जमा है कचरा, दुर्गंध से राहगीर परेशान; स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की
कुदरा/कैमूर। कुदरा नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एनएच-19 पर प्रखंड कार्यालय के समीप सर्विस लाइन में कई दिनों से कचरे का अंबार लगा हुआ है। सड़क किनारे बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने से आसपास गंदगी के साथ-साथ तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों से ट्रैक्टर और ठेले के माध्यम से कचरा लाकर इसी स्थान पर गिराया जा रहा है। लगातार कचरा जमा होने के कारण स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि समय पर कचरे का उठाव और उचित निस्तारण नहीं होने से आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है तथा संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।वार्ड संख्या 10 निवासी महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से प्रतिदिन इस स्थान पर कचरा लाकर गिराया जा रहा है।
उनका कहना है कि यह मार्ग अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आने-जाने का प्रमुख रास्ता है। इसी रास्ते से नगर अध्यक्ष, कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य वरीय अधिकारी भी गुजरते हैं, बावजूद इसके अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।कचरे से उठ रही दुर्गंध के कारण राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि लोगों को दुर्गंध और गंदगी से बचने के लिए रास्ता बदलकर जाना पड़ता है।
इससे आसपास के दुकानदारों और निवासियों को भी परेशानी हो रही है।स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर किसके निर्देश पर सार्वजनिक आवागमन वाले स्थान पर कचरा डंप किया जा रहा है? यदि यहां कचरा गिराया जा रहा है तो उसके नियमित उठाव और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल कचरा हटाने, पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई कराने और भविष्य में खुले स्थान पर कचरा जमा नहीं हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।फिलहाल, प्रखंड कार्यालय के समीप सर्विस लाइन में लगा कचरे का ढेर नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और लोगों को गंदगी व दुर्गंध से कब राहत मिलती है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
