
सिरसी गांव में ईद मिलाद-उन-नबी पर निकला भव्य जुलूस, गूंजे ‘मरहबा या रसूलल्लाह’ के नारे
चैनपुर (कैमूर)। चैनपुर प्रखंड अंतर्गत सिरसी गांव में ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर बुधवार को सुबह से ही खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की विलादत की खुशी में ग्रामीणों की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।जुलूस के दौरान पूरे गांव का माहौल धार्मिक नारों और मिलाद की आवाजों से गूंजता रहा। लोग ‘मरहबा या रसूलल्लाह, सरकार की आमद मरहबा’ के नारे लगाते हुए गांव के विभिन्न रास्तों से गुजरे। जुलूस के माध्यम से आपसी भाईचारे, शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर लोगों ने हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके पैगामों को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। लोगों को उनके संदेशों में इंसानियत, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद, आपसी प्रेम, भाईचारा तथा शांति बनाए रखने की सीख के बारे में बताया गया।जुलूस के दौरान गांव में उत्सवी माहौल बना रहा।
जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। ग्रामीणों ने मिलाद-उन-नबी के अवसर पर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और समाज में अमन-चैन तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।ग्रामीणों का कहना था कि ईद मिलाद-उन-नबी केवल खुशी मनाने का अवसर ही नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने और समाज में शांति, सद्भाव एवं भाईचारे को मजबूत करने का भी अवसर है। पूरे कार्यक्रम के दौरान सिरसी गांव में उत्साह और धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
