
मोहनियां अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालअस्पताल या ‘जुगाड़’ केंद्र? फ्रैक्चर पैर पर गत्ता बांधकर मरीज रेफर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
मोहनियां/कैमूर। सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बीच कैमूर जिले के मोहनियां अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मुजान गेट के पास पिकअप की टक्कर से बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। हादसे में शहबाजपुर निवासी प्रिंस कुमार के पैर में गंभीर फ्रैक्चर बताया गया।घायल युवक को इलाज के लिए मोहनियां अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां आरोप है कि फ्रैक्चर वाले पैर को सहारा देने के लिए मेडिकल स्प्लिंट अथवा आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने डॉक्टर के सामने ही युवक के घायल पैर पर गत्ते (कार्टून) का टुकड़ा बांधकर उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।घटना ने अनुमंडल स्तर के अस्पताल में उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा संसाधनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं के मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त प्राथमिक उपचार और जरूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध होना बेहद आवश्यक है। इसके बावजूद यदि फ्रैक्चर जैसे मामले में मरीज को गत्ते का सहारा देकर रेफर किया जाता है, तो यह अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।संसाधनों की कमी पर सवालस्थानीय लोगों के अनुसार, इतने बड़े अनुमंडलीय अस्पताल में फ्रैक्चर वाले मरीजों के लिए आवश्यक स्प्लिंट और अन्य प्राथमिक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और संसाधनों की उपलब्धता की जांच की मांग की है।रेफरल व्यवस्था पर भी उठे सवालमोहनियां अनुमंडलीय अस्पताल राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक स्थित है।
ऐसे में यहां सड़क दुर्घटनाओं के घायल मरीज अक्सर पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गंभीर मरीजों को उचित प्राथमिक उपचार और स्थिरीकरण की सुविधा दिए बिना ही रेफर किया जाता है, तो अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही, यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है।हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।मुझे खबर का स्रोत-पक्ष और स्पष्ट करेंमुझे आरोप और तथ्य अलग करके लिखेंमुझे खबर को संक्षिप्त और प्रभावी बनाएं
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
