
वरिष्ठ शिक्षक ललिता प्रसाद सिंह के निधन से क्षेत्र में शोक, 92 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
चैनपुर/कैमूर। चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के सिरसी गांव निवासी एवं गांधी स्मारक उच्च विद्यालय चैनपुर के सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षक ललिता प्रसाद सिंह का निधन हो गया। उन्होंने 92 वर्ष की उम्र में वाराणसी स्थित हरसेवानंद अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। पिछले करीब एक सप्ताह से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।स्वर्गीय ललिता प्रसाद सिंह शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने वाले सम्मानित शिक्षकों में शामिल रहे। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान विभिन्न स्थानों पर शिक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाई और हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की। सेवाकाल के अंतिम चरण में वे गांधी स्मारक उच्च विद्यालय, चैनपुर में वरिष्ठ शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे, जहां से सेवानिवृत्त हुए।उनके पढ़ाए हुए कई विद्यार्थी आज विभिन्न सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं।
शिक्षक के निधन की खबर सुनकर उनके पूर्व विद्यार्थियों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों में शोक की लहर फैल गई। अपने गुरु को याद करते हुए कई पूर्व विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने कहा कि ललिता प्रसाद सिंह केवल एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी थे। शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय व्यवहार को लंबे समय तक याद किया जाएगा।निधन की सूचना मिलते ही चैनपुर प्रखंड के सिरसी गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिचित, पूर्व विद्यार्थी और शुभचिंतक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। गांव में शोक का माहौल है और हर कोई उनके व्यक्तित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए योगदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, ललिता प्रसाद सिंह का व्यक्तित्व सरल, सहज और अनुशासित था। उन्होंने अपने लंबे शिक्षक जीवन में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।उनके निधन से शिक्षा जगत में भी शोक व्याप्त है। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
