
भूमिहीनों को जमीन और मजदूरों को ₹3000 मासिक पेंशन देने की मांगबीडीओ और सीओ के समक्ष प्रदर्शन कर नौ सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन
चैनपुर (कैमूर)। बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन, जिला कमेटी कैमूर के तत्वावधान में उत्तराखंड कमेटी चैनपुर की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) एवं अंचलाधिकारी (सीओ) के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने की अध्यक्षता चैनपुर प्रखंड अध्यक्ष कॉमरेड परमेश्वर गोंड ने की। इस दौरान भूमिहीन गरीबों को जमीन उपलब्ध कराने, सरकारी जमीन पर बसे लोगों को बासगीत पर्चा देने, गरीबों के बिजली बिल माफ करने तथा खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूरों के लिए पेंशन और रोजगार की व्यवस्था करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं।
धरने के दौरान यूनियन के सदस्यों ने गरीबों, भूमिहीनों और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भूमिहीन परिवारों को 10-10 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई जाए। सरकारी जमीन पर लंबे समय से बसे भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा दिया जाए तथा सभी लाल कार्डधारियों को जमीन मुहैया कराई जाए। इसके अलावा मदुरना पंचायत के शाहपुर गांव में श्मशान घाट के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
यूनियन ने गरीब परिवारों के पुराने बिजली बिल माफ करने, सभी खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूरों को प्रतिमाह 3,000 रुपये पेंशन देने तथा ग्रामीण मजदूरों को साल में 250 दिन काम उपलब्ध कराने की मांग उठाई। साथ ही मजदूरों के लिए 700 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने की मांग करते हुए सरकार से इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की अपील की गई।धरने को संबोधित करते हुए संगठन के राज्य अध्यक्ष रंगलाल पासवान ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां गरीबों और मेहनतकश मजदूरों की अपेक्षा धनाढ्य लोगों के हितों को अधिक प्राथमिकता देती हैं।
उन्होंने अडानी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों का उल्लेख करते हुए गरीबों, भूमिहीनों और खेतिहर मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।धरना-प्रदर्शन के अंत में यूनियन के प्रतिनिधियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से मुलाकात कर अपनी नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए भूमिहीनों को जमीन, गरीबों को आवासीय अधिकार, मजदूरों को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।यूनियन ने स्पष्ट किया कि गरीबों, भूमिहीनों और खेतिहर मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी मांगों पर पहल जरूरी है। धरने के माध्यम से संगठन ने प्रशासन और सरकार का ध्यान ग्रामीण गरीबों की बुनियादी जरूरतों तथा मजदूरों के अधिकारों की ओर आकर्षित किया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट )
