
कैमूर जिला परिषद में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक की मांग
निर्वाचित सदस्यों ने नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए चर्चा व मतविभाजन कराने की उठाई मांग, अध्यक्ष पर लगाए कई आरोप
भभुआ (कैमूर): कैमूर जिला परिषद की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद के कई निर्वाचित सदस्यों ने अध्यक्ष के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा एवं मतविभाजन कराने के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग की है। इस संबंध में सदस्यों ने सक्षम प्राधिकारी को आवेदन सौंपते हुए बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 70(4)(1) तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 10 फरवरी 2026 के आदेश का हवाला देते हुए नियमानुसार बैठक की तिथि, समय एवं स्थान निर्धारित करने का अनुरोध किया है।आवेदन में सदस्यों ने कहा है कि अध्यक्ष का कार्यकाल दो वर्ष से अधिक हो चुका है और जिला परिषद के अधिकांश निर्वाचित सदस्य उनके कार्यों एवं कार्यशैली से असंतुष्ट हैं।
उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत सदन का बहुमत स्पष्ट करने के लिए शीघ्र विशेष बैठक बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान कराने की मांग की है।सदस्यों ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि इससे पूर्व अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विशेष बैठक बुलाई गई थी, लेकिन आवश्यक संख्या में सदस्यों की उपस्थिति नहीं होने के कारण न तो प्रस्ताव पर चर्चा हो सकी और न ही मतदान कराया जा सका। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि पहले आयोजित बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान नहीं हो पाया है, तो उसी प्रस्ताव पर पुनः विशेष बैठक आयोजित की जा सकती है।आवेदन में अध्यक्ष के विरुद्ध कई आरोप भी लगाए गए हैं।
सदस्यों का कहना है कि जिला परिषद की नियमित बैठकें अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित नहीं की जा रही हैं। जिला योजना समिति के गठन की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई है तथा स्थायी समितियों का गठन भी नियमानुसार नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त जिला परिषद कार्यालय में अनियमितताओं को बढ़ावा देने और जिले के विकास कार्यों की उपेक्षा करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
जिला परिषद सदस्यों ने मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं बिहार पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप शीघ्र विशेष बैठक आयोजित कर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा एवं मतदान कराया जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सदन का स्पष्ट निर्णय सामने आ सके।इस संबंध में दिए गए आवेदन की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी, कैमूर तथा उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, कैमूर को भी प्रेषित की गई है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में जिला परिषद अध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
