
चैनपुर की बड़ी तकिया में 3 जुलाई को होगा ज़िक्र-ए-शोहदा-ए-कर्बला व उर्स-ए-मुक़द्दस का भव्य आयोजन
भभुआ/चैनपुर (कैमूर)। कैमूर जिले के चैनपुर स्थित ऐतिहासिक बड़ी तकिया परिसर में 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार), 7 मुहर्रम 1448 हिजरी, को बाद नमाज़-ए-इशा एक भव्य ज़िक्र-ए-शोहदा-ए-कर्बला एवं उर्स-ए-मुक़द्दस हज़रत सैय्यद शैदा शाह रहमतुल्लाह अलैह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिष्ठित उलेमा-ए-किराम, सूफी संत, नातख्वां और शायर शरीक होंगे।
आयोजकों के अनुसार यह आध्यात्मिक महफ़िल पूरी तरह दीन, इल्म, अमन, भाईचारे और इंसानियत के संदेश को समर्पित होगी। कार्यक्रम की शुरुआत हाफ़िज़ व क़ारी शाहजहाँ साहब (बाना, कैमूर) द्वारा तिलावत-ए-क़ुरआन से होगी।कार्यक्रम की अध्यक्षता अरब मुक़द्दस सैय्यद शैदा शाह अल्लाह करेंगे। वहीं कार्यक्रम का संचालन मशहूर नकीब-ए-अहले सुन्नत एवं शायर मौलाना क़ारी आरिफ़ हुसैन बुरहानी साहब करेंगे।विशिष्ट अतिथियों में सैय्यद वक़ार ग़ाज़ी साहब, मौलाना अब्दुल रहीम साहब (प्राचार्य, जामिया साबिरिया, मानपुर) तथा बड़ी तकिया चैनपुर के सज्जादानशीन भी मौजूद रहेंगे।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शहनशाह-ए-ख़िताबत, ख़लीफ़ा-ए-हुज़ूर ताजुश्शरिया, मुफ़्ती शहरयार रज़ा ख़ान क़ादरी (पूर्णिया, बिहार) का विशेष संबोधन होगा।
वे कर्बला की कुर्बानी, इस्लामी शिक्षाओं और समाज में अमन-ओ-मोहब्बत के महत्व पर प्रकाश डालेंगे।इसके अलावा प्रसिद्ध नातख्वां एवं शायर नूर अली नूर कानपुरी, अफ़ज़ाल वफ़ा नूरी (कैमूर) तथा हसन रज़ा नोमानी (झारखंड) अपनी आवाज़ और कलाम से महफ़िल को रूहानी रंग देंगे।आयोजन समिति गुलामान-ए-हज़रत शैदा शाह कमेटी ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं मेहमानों के लिए रात्रि भोजन का समुचित प्रबंध किया गया है। समिति ने सभी अकीदतमंदों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर ज़िक्र-ए-शोहदा-ए-कर्बला और उर्स-ए-मुक़द्दस की इस रूहानी महफ़िल में शामिल हों तथा दुआओं और बरकतों से लाभान्वित हों।आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम है, जिसका किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल दीन-ए-इस्लाम की शिक्षाओं, कर्बला के संदेश और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है।
( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)
