
डॉक्टर के लिए हर मरीज समान, सेवा ही सबसे बड़ा धर्म”
भभुआ। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर शहर के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद द्विवेदी ने चिकित्सकों की भूमिका, जिम्मेदारियों और सेवा भावना पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर के लिए हर मरीज समान होता है। मरीज की आर्थिक, सामाजिक या अन्य किसी भी प्रकार की स्थिति से ऊपर उठकर चिकित्सक का पहला कर्तव्य उसे बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।डॉ. द्विवेदी ने कहा कि डॉक्टर का वास्तविक उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिजनों में विश्वास और उम्मीद कायम रखना भी होता है। उन्होंने कहा कि उनकी हमेशा यह कोशिश रहती है कि प्रत्येक मरीज को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और मानवीय संवेदनाओं के साथ उपचार मिले, ताकि वह जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच सामान्य जीवन जी सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी चिकित्सक के लिए सबसे बड़ा सम्मान और पुरस्कार मरीज के चेहरे पर लौटती मुस्कान होती है। जब कोई मरीज स्वस्थ होकर खुशी-खुशी अस्पताल से घर लौटता है, तो वही पल डॉक्टर की सबसे बड़ी उपलब्धि और संतुष्टि का कारण बनता है।डॉ. अरविंद द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है, बल्कि यह चिकित्सकों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक समर्पित एवं जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देता है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि मरीजों की निस्वार्थ सेवा, संवेदनशील व्यवहार और ईमानदार चिकित्सा ही इस महान पेशे की सबसे बड़ी पहचान है।उन्होंने समाज से भी अपील की कि डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास का संबंध मजबूत होना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दोनों पक्षों का आपसी सहयोग और संवाद आवश्यक है। उन्होंने सभी चिकित्सकों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानव सेवा का यह कार्य निरंतर समर्पण, धैर्य और करुणा की भावना के साथ आगे बढ़ता रहे, यही इस दिवस का वास्तविक संदेश है।
कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
8603650013
