
कैमूर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 170 मवेशियों से लदा ट्रक जब्त, चार तस्कर गिरफ्तारदुर्गावती थाना पुलिस ने मोहनियां टोल प्लाजा के पास देर रात की कार्रवाई, उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे थे मवेशी
भभुआ (कैमूर)। कैमूर पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 170 मवेशियों से लदे एक ट्रक को जब्त किया है। इस दौरान ट्रक में सवार चार कथित मवेशी तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मवेशी तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 की रात करीब 11:25 बजे दुर्गावती थाना को गुप्त सूचना मिली कि मोहनियां की ओर से एक ट्रक में बड़ी संख्या में मवेशियों को लादकर उत्तर प्रदेश की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही दुर्गावती थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनएच-19 स्थित मोहनियां टोल प्लाजा के समीप विशेष वाहन जांच अभियान शुरू किया।
जांच के दौरान UP21DT9865 नंबर के एक ट्रक को संदेह के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर ट्रक में बड़ी संख्या में मवेशियों को अमानवीय एवं बर्बरतापूर्ण तरीके से बांधकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तत्काल ट्रक को जब्त करते हुए उसमें सवार चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया तथा सभी मवेशियों को अपने कब्जे में ले लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चालक आबिद (38 वर्ष), पिता अश्फाक, निवासी टपराना, थाना झिंझाना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश), रहिस (38 वर्ष), पिता अख्तर, निवासी बड़नावा, थाना बिनौली, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश), अरशाजन (20 वर्ष), पिता एहसान, निवासी बड़नावा, थाना बिनौली, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) तथा शोकिन (24 वर्ष), पिता दिलशाद, निवासी बुडीना, थाना तितावी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।पुलिस ने मौके से 170 मवेशी तथा तस्करी में प्रयुक्त एक ट्रक (UP21DT9865) बरामद किया है।
सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।कैमूर पुलिस ने कहा कि जिले में अवैध मवेशी तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और इस प्रकार के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि मवेशी तस्करी या किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
