
कैमूर में बिजली संकट से 40 गांवों में आक्रोश, शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों को नहीं मिले अधिकारीसाहेब अभी मीटिंग में व्यस्त हैं” कहकर लौटाए गए उपभोक्ता, आंदोलन की चेतावनी
भभुआ/कैमूर। कैमूर जिले के अखिलासपुर पावर हाउस से जुड़े करीब 40 गांवों में लगातार खराब बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक महीने से अधिक समय से बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अनियमित आपूर्ति से परेशान दर्जनों ग्रामीण सोमवार को अपनी शिकायत लेकर अखिलासपुर पावर हाउस पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।
अधिकारियों के अनुपस्थित रहने की बात कहकर उन्हें जिला विद्युत कार्यालय भेज दिया गया, जहां घंटों इंतजार के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या सुनने नहीं पहुंचा।ग्रामीणों ने बताया कि अखिलासपुर फीडर से जुड़े बबुरा, अखिलासपुर, परसिया सहित लगभग 40 गांवों में पिछले कई सप्ताह से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कभी पांच मिनट बिजली आती है तो कुछ ही देर बाद सप्लाई बंद हो जाती है। लो-वोल्टेज के कारण पंखे, मोटर और अन्य विद्युत उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण सबसे अधिक परेशानी पेयजल और घरेलू जलापूर्ति को लेकर हो रही है। मोटर नहीं चल पाने से घरों में पानी का संकट गहरा गया है। शौचालयों में पानी उपलब्ध नहीं होने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी और बढ़ गई है।बिजली संकट का असर स्थानीय कुटीर उद्योगों और छोटे व्यवसायों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आरओ वाटर प्लांट संचालक अतुल तिवारी ने बताया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण एसडीओ न तो फोन रिसीव करते हैं और न ही तकनीकी अधिकारी समस्या सुनने के लिए उपलब्ध रहते हैं।शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले वे अखिलासपुर पावर हाउस पहुंचे, जहां मौजूद कर्मियों ने अधिकारियों के नहीं होने की बात कहकर जिला विद्युत कार्यालय भेज दिया।
जिला कार्यालय पहुंचने पर भी तकनीकी अधिकारी और ग्रामीण एसडीओ नहीं मिले। काफी देर इंतजार के बाद भी किसी अधिकारी ने उनकी शिकायत नहीं सुनी।ग्रामीणों का आरोप है कि जब ग्रामीण एसडीओ से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने खुद को फील्ड में होने की बात कहकर फोन काट दिया। वहीं कार्यपालक अभियंता के कार्यालय में मौजूद कर्मियों ने यह संदेश दिया कि “साहेब अभी मीटिंग में व्यस्त हैं।” इससे नाराज उपभोक्ताओं ने विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी जनता की समस्याएं सुनने के लिए उपलब्ध नहीं होंगे तो समाधान कैसे होगा।बिजली विभाग के इस रवैये से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और अधिकारियों ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अखिलासपुर फीडर की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
