
कैमूर में उच्च शिक्षा को मिली नई उड़ान, चैनपुर और नुआँव में शुरू हुए दो नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन किया शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ, मंत्री मोहम्मद जमा खान समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
भभुआ/कैमूर, 15 जुलाई। कैमूर जिले के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के अंतर्गत संचालित “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम के तहत जिले के राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चैनपुर एवं राजकीय डिग्री महाविद्यालय, नुआँव के शैक्षणिक सत्र का ऑनलाइन माध्यम से शुभारंभ किया। इस पहल से अब जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चैनपुर का संचालन फिलहाल उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चैनपुर के परिसर से तथा राजकीय डिग्री महाविद्यालय, नुआँव का संचालन +2 सर्वोदय उच्च विद्यालय, गुड़ियाँ (नुआँव) के परिसर से प्रारंभ किया गया है।
दोनों महाविद्यालयों के शुभारंभ को जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।चैनपुर में आयोजित समारोह में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह चैनपुर विधायक मोहम्मद जमा खान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य, बीस सूत्री समिति के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। प्रशासनिक स्तर पर अपर समाहर्ता (ADM), अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।वहीं नुआँव में आयोजित समारोह में रामगढ़ विधायक की गरिमामयी उपस्थिति रही। बक्सर सांसद के प्रतिनिधि जितेन्द्र प्रसाद राम भी कार्यक्रम में शामिल हुए। जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त (DDC), DCLR, अनुमंडल पदाधिकारी मोहनिया समेत अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर नव नामांकित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें फोल्डर फाइल भी प्रदान की गई।चैनपुर महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्राचार्य सहित तीन प्राध्यापकों ने योगदान दे दिया है। इसके अलावा डेटा ऑपरेटर, रात्रि प्रहरी और सफाईकर्मी सहित गैर-शैक्षणिक कर्मियों की भी तैनाती की गई है। महाविद्यालय में चार कक्षाएं, प्राचार्य कक्ष, प्रशासनिक कक्ष, बेंच-डेस्क, पेयजल, शौचालय तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रथम चरण में 43 विद्यार्थियों का नामांकन भी हो चुका है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इन नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के शुरू होने से कैमूर जिले के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्नातक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे तथा विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना एवं राज्य सरकार की उच्च शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने की इस पहल की सराहना के साथ हुआ।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
