एक कर्मचारी पर तीन जगहों की जिम्मेदारी, जमीन के काम में बढ़ी परेशानी

परिमार्जन में देरी से किसान परेशान, एक माह बाद भी नहीं हो रहा जमीन संबंधी काम

चैनपुर (कैमूर)। चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में जमीन के रिकॉर्ड के परिमार्जन को लेकर किसान इन दिनों काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन किए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनके आवेदनों का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। इससे जमीन संबंधी जरूरी कार्य अटके हुए हैं और किसानों को बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।क्षेत्र के किसानों के अनुसार, जमीन के रिकॉर्ड में सुधार अथवा परिमार्जन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उन्हें उम्मीद रहती है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका काम पूरा हो जाएगा।

लेकिन कई किसानों के आवेदन लंबे समय से लंबित पड़े हैं। किसानों का आरोप है कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें कार्यालय से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है कि उनका काम कब तक पूरा होगा।मदुरना पंचायत के किसानों ने बताई कर्मचारियों की कमी की समस्यामदुरना पंचायत के किसानों ने बताया कि राजस्व कर्मचारी को एक साथ तीन स्थानों का प्रभार दिया गया है। ऐसे में एक कर्मचारी के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के जमीन संबंधी मामलों का समय पर निष्पादन करना मुश्किल हो रहा है।

किसानों का कहना है कि एक ही कर्मचारी पर कई जगहों की जिम्मेदारी होने के कारण किसी भी क्षेत्र के सभी कार्य निर्धारित समय में पूरे नहीं हो पा रहे हैं।किसानों का कहना है कि सरकार और विभागीय स्तर पर बार-बार यह निर्देश दिया जाता है कि जमीन संबंधी मामलों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा में किया जाए। कई मामलों में 30 दिनों के भीतर काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई की बात भी कही जाती है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आ रही है और किसान लंबे समय से अपने आवेदन के निष्पादन का इंतजार कर रहे हैं।

खेती के मौसम में कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर किसानकिसानों की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि वर्तमान समय खेती-किसानी का है। खेतों में काम का दबाव बढ़ा हुआ है और किसान खेती के साथ-साथ अपने जमीन संबंधी कार्यों को पूरा कराने के लिए अंचल कार्यालय पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जमीन से संबंधित काम समय पर नहीं होगा तो उन्हें कई अन्य सरकारी प्रक्रियाओं और योजनाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व कर्मचारियों की कमी को दूर किया जाए तथा जिन कर्मचारियों को एक से अधिक स्थानों का प्रभार दिया गया है, वहां अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था की जाए।

साथ ही लंबित परिमार्जन आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कराने की मांग की गई है, ताकि किसानों को बार-बार कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े।सीओ ने भी माना, तीन जगहों के प्रभार से हो रही देरीइस संबंध में चैनपुर अंचलाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अंचल में कार्यरत राजस्व कर्मचारी को तीन जगहों का प्रभार दिया गया है। ऐसे में सभी स्थानों के कार्यों को एक साथ समय पर पूरा करने में स्वाभाविक रूप से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जिला स्तर से ही तीन जगहों का प्रभार देकर भेजा गया है।अंचलाधिकारी ने यह भी कहा कि इसके बावजूद अंचल प्रशासन का प्रयास है कि लोगों के जमीन संबंधी कार्यों का निष्पादन समय पर किया जाए। उन्होंने लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने की दिशा में प्रयास किए जाने की बात कही।अब सवाल यह है कि जब एक राजस्व कर्मचारी पर तीन जगहों की जिम्मेदारी होगी तो किसानों के जमीन संबंधी कार्य निर्धारित समय सीमा में कैसे पूरे होंगे। फिलहाल परिमार्जन के इंतजार में बैठे किसान प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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