
गुरु रविदास जयंती पर कबार में विकास शिविर का शुभारंभ, 22 योजनाओं का मिलेगा लाभ
भभुआ (कैमूर)। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर पंचायत बेतरी के ग्राम कबार में श्री गुरु संत रविदास विकास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला पदाधिकारी द्वारा विधिवत किया गया। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने स्वयं उपस्थित रहकर शिविर की गतिविधियों का जायजा लिया और मौजूद जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों तथा ग्रामीणों को संबोधित किया।अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, मानवता, सामाजिक समरसता और भेदभाव रहित समाज का संदेश दिया था।
उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं। गुरु रविदास जी के आदर्शों को वास्तविक रूप देने का सबसे बेहतर माध्यम यही है कि समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकार की विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए।उन्होंने कहा कि श्री गुरु संत रविदास विकास शिविर को इसी उद्देश्य के साथ आयोजित किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जा सके। शिविर में कुल 22 महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं को शामिल किया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना, आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली, नल-जल, शिक्षा, कौशल विकास, मनरेगा, जीविका, बीमा समेत अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविर का उद्देश्य महज आवेदन प्राप्त करना नहीं है। वास्तविक उद्देश्य पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ना और प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिए शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया जाए।उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की। जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता और पंचायत स्तरीय कर्मियों को अभियान से सक्रिय रूप से जुड़कर पात्र परिवारों की पहचान करनी होगी।उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार केवल जानकारी के अभाव, दस्तावेज संबंधी परेशानी अथवा आवश्यक सहयोग नहीं मिलने के कारण सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए क्षेत्रीय स्तर पर लोगों को योजनाओं की जानकारी देने और उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करने की आवश्यकता है।
शिविर में मौजूद नागरिकों से जिला पदाधिकारी ने अपील की कि वे अपनी आवश्यकताओं और समस्याओं को खुलकर सामने रखें। पात्रता के अनुसार संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करें और शिविर में उपलब्ध विभागीय सेवाओं का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं।जिला पदाधिकारी ने कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे समाज को समानता और सामाजिक समरसता की राह दिखाई। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारा जाए। उन्होंने सभी लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएंगे और समतामूलक, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करेंगे।कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की ओर से शिविर में शामिल विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह विकास शिविर सामाजिक समरसता के संदेश के साथ ग्रामीण विकास और जनकल्याण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र परिवारों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता जताई है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
