
वेतन भुगतान की मांग पर महिला कर्मियों का हंगामा, DPO पर धमकी और फर्जी हाजिरी से राशि निकासी के आरोप
रामगढ़/कैमूर। कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत सिसौड़ा पंचायत की दर्जनभर महिला वनपोषक कर्मियों ने मनरेगा के DPO संजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जमकर हंगामा किया। महिला कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले करीब पांच महीनों से मानदेय/वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इसके साथ ही उनकी जगह दूसरे लोगों की हाजिरी बनाकर सरकारी राशि की निकासी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।महिला वनपोषक कर्मियों के अनुसार, वे लंबे समय से भुगतान की समस्या को लेकर अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसी को लेकर शुक्रवार को करीब दर्जनभर महिला कर्मी अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचीं।महिलाओं का कहना है कि जिलाधिकारी से मिलने के दौरान उन्हें डीडीसी के पास आवेदन देने की सलाह दी गई। इसके बाद जब वे अपनी शिकायत लेकर डीडीसी कार्यालय की ओर जा रही थीं, तभी मनरेगा के DPO संजय कुमार वहां पहुंचे।
महिला कर्मियों ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया तथा धमकी देते हुए वहां से चले जाने के लिए कहा गया। इसके बाद महिलाओं ने विरोध जताते हुए मौके पर हंगामा शुरू कर दिया।DPO पर ‘दारू पार्टी’ करने का भी आरोपहंगामा कर रही महिला कर्मियों ने मीडिया के सामने मनरेगा DPO संजय कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कार्यालय परिसर में कथित तौर पर दारू पार्टी की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
महिला कर्मियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी उपस्थिति के स्थान पर दूसरे लोगों की हाजिरी दर्ज कराकर सरकारी राशि की निकासी की जा रही है। महिलाओं का कहना है कि यदि उनकी हाजिरी और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।DDC ने कहा—मामले की होगी जांचमामले की जानकारी मिलने के बाद मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे। महिला वनपोषक कर्मियों ने अपनी समस्याएं और आरोप मीडिया के सामने रखे। वहीं, मीडिया को दिए बयान में कैमूर के DDC ने मामले की जांच कराने की बात कही।अब पूरे मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला कर्मियों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, महिला कर्मियों ने लंबित भुगतान कराने, हाजिरी और सरकारी राशि की निकासी की जांच कराने तथा उनके साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की मांग की है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
