भभुआ की दो बहनों ने किया कमाल, PG NEET में ऑल इंडिया रैंक से बढ़ाया परिवार का मान

बेटियों ने बढ़ाया परिवार का मान, पीजी नीट में सुषमा को ऑल इंडिया 10वां तो अस्मिता को 242वां स्थानभभुआ/कैमूर। बदलते दौर में बेटियां शिक्षा, चिकित्सा और प्रतियोगी परीक्षाओं सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दे रही हैं। कैमूर के भभुआ शहर स्थित गांधी आवासीय पब्लिक स्कूल के संस्थापक एवं प्रबंधक उमेश कुमार सिंह की दो बेटियों ने पीजी नीट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर परिवार का नाम रोशन किया है। उनकी बेटी डॉ. सुषमा स्वराज ने ऑल इंडिया स्तर पर 10वां स्थान, जबकि दूसरी बेटी डॉ. अस्मिता कुमारी ने 242वां स्थान हासिल किया है।बताया जाता है कि दोनों बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांधी आवासीय पब्लिक स्कूल से प्राप्त की।

इसके बाद दोनों का चयन नवोदय विद्यालय, चौरसिया में हुआ, जहां उन्होंने आगे की शिक्षा पूरी की। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दोनों बहनें पटना चली गईं और वहीं रहकर लगातार मेहनत व लगन के साथ तैयारी करती रहीं।डॉ. सुषमा स्वराज ने हिमाचल प्रदेश स्थित राजीव गांधी पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल साइंस कॉलेज से बीएएमएस की डिग्री हासिल की। बीएएमएस की पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया और यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं। इसके बाद पीजी नीट परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 10वां स्थान हासिल कर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया।वहीं, उनकी बहन डॉ. अस्मिता कुमारी ने एनआईए से बीएएमएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद पीजी नीट में उन्होंने ऑल इंडिया स्तर पर 242वां स्थान प्राप्त किया।

दोनों बहनों की सफलता से परिवार के साथ-साथ उनके शिक्षकों, शुभचिंतकों और परिचितों में खुशी का माहौल है।शिक्षक दंपती के परिवार में चिकित्सा शिक्षा की मजबूत नींवगांधी आवासीय पब्लिक स्कूल के संस्थापक एवं प्रबंधक उमेश कुमार सिंह पेशे से शिक्षक हैं, जबकि उनकी पत्नी माधुरी कुमारी सरकारी शिक्षिका हैं। दंपती के चार बेटियां और एक बेटा है। परिवार के एक बेटे की एमबीबीएस की पढ़ाई चल रही है, जबकि दो बेटियां बीएएमएस की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं।

अब पीजी नीट में सफलता के बाद दोनों बहनें चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।परिवार के अनुसार, दो अन्य बेटियां भी चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत और तैयारी में जुटी हैं। परिजनों ने दोनों बेटियों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि मेहनत, लगन, अनुशासन और उचित मार्गदर्शन के बल पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकती हैं।पीजी नीट में शानदार प्रदर्शन करने वाली दोनों बहनों का लक्ष्य चिकित्सा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ना है। उनकी सफलता से परिवार और शिक्षण संस्थान में उत्साह का माहौल है।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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