कैमूर में राजद का प्रदर्शन तेज, चुनाव आयोग से कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग

भभुआ/कैमूर। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तथा प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर शुक्रवार को कैमूर में राजद कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।निवर्तमान राजद जिलाध्यक्ष अकलू राम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में राजद नेता एवं कार्यकर्ता भभुआ स्थित राजद प्रधान कार्यालय से जुलूस की शक्ल में निकले। जुलूस शहर के एकता चौक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।

प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया, नए मतदाताओं के पंजीकरण, चुनावी डेटा के प्रबंधन तथा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। राजद नेताओं ने बिहार, बंगाल सहित अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द कर पुनः चुनाव कराने की मांग भी उठाई।राजद नेताओं ने कहा कि द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के विभिन्न निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर कम-से-कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा चुनावी डेटा के डिजिटल प्रबंधन से जुड़े मुद्दे शामिल थे।रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा था कि वे निर्णय उनकी जानकारी या स्वीकृति के बिना लिए गए। हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से इस रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा गया है कि SIR समेत आयोग के सभी निर्णय पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

आयोग के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवाल और सुझाव प्रक्रिया के मसौदा चरण से संबंधित थे तथा निर्णय लेने की सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा थे।प्रदर्शन के दौरान राजद नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से वंचित न हो। नेताओं ने चुनाव आयोग से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।राजद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के बाद कैमूर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने की मांग रखी गई।प्रदर्शन में पूर्व रामगढ़ विधानसभा प्रत्याशी अजीत सिंह, भोलानाथ सिंह, आशिफ मुन्ना खां, बिरजू पटेल, जनार्दन उपाध्याय, अमजद खान, अखिलेश पटेल, सुबास यादव, अवधेश कुशवाहा, रोहित तिवारी, नंदकुमार सिंह, सिद्धेश्वर कुशवाहा, असलम अंसारी, जगनारायण यादव, इस्लाम अंसारी, कमर खान, मुन्ना सिंह, नीरज कुमार, सलमान खान, मुकेश पटेल, पशुपति पटेल, सत्येंद्र यादव, सोनू गुप्ता, निकी कुमार सहित बड़ी संख्या में राजद नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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