
नुआंव/कैमूर। माय युवा भारत, कैमूर के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर, नुआंव के प्रांगण में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती हर्षोल्लास एवं श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के उद्घोष “वंदे मातरम्” के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं नेतृत्व माय युवा भारत के स्वयंसेवक हिमांशु गुप्ता ने किया। उनके नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, शिक्षण संस्थान से जुड़े सदस्य एवं युवा शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, उनके विचारों तथा राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया।वक्ताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास और कल्याण को विशेष महत्व दिया। उनके द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय के विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायी हैं। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारकर सामाजिक समरसता, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ सामाजिक सेवा, जनकल्याण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया। इस दौरान युवाओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य शैलेंद्र श्रीवास्तव, बेचन लाल श्रीवास्तव, भूतपूर्व मुखिया श्याम नारायण बिंद, मनमन गुप्ता, जोनू गुप्ता, संजय वर्मा, सहसचिव मीरा यादव, संस्कार केंद्र प्रमुख रिंकी देवी, नेहा कुमारी, आंचल कुमारी, प्रीति कुमारी एवं शिवानी सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग एवं स्थानीयजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों एवं विचारों को आत्मसात करने तथा राष्ट्रहित एवं समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया। माय युवा भारत के स्वयंसेवक हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता एवं नेतृत्व में कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
