
बाल संरक्षण संस्थानों में व्यवस्थाओं की हुई जांच, केवा में बालक की मौत मामले पर जवाब-तलब
भभुआ/कैमूर। उच्च न्यायालय में लंबित C.W.J.C. No. 1848/2022 के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला बाल संरक्षण इकाई, कैमूर की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न बाल संरक्षण एवं आश्रय संस्थानों का निरीक्षण किया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार डॉ. शैल एवं सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई राज कुमार सिंह ने आश्रय गृह दादर, मोहनिया, दत्तक ग्रहण संस्थान भभुआ तथा बाल संस्थान केवा, चैनपुर का निरीक्षण किया।इस दौरान बच्चों के आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा सहित अन्य सुविधाओं की स्थिति देखी गई।
संस्थानों में संधारित अभिलेखों एवं पंजियों का भी अवलोकन किया गया तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से आवश्यक जानकारी ली गई।बाल संस्थान केवा में 10 सितंबर को विधि-विरुद्ध बालक की मृत्यु के मामले को भी निरीक्षण दल ने गंभीरता से लिया। घटना को लेकर संस्थान के अधीक्षक से जवाब-तलब किया गया और घटना की परिस्थितियों तथा संस्थागत व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई।निरीक्षण दल ने बच्चों के अधिकार, सुरक्षा, गरिमा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कमियों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला बाल संरक्षण इकाई ने बच्चों के संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
