
दाखिल-खारिज के 701 और परिमार्जन के 1,944 मामले लंबित, सीओ से स्पष्टीकरण; अभियान चलाकर मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
भभुआ/कैमूर। जिला पदाधिकारी ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को मोहनिया अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और अतिक्रमण से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब और अभिलेखों के संधारण में कमियां सामने आने पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।राजस्व मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब की पूर्व में मिली शिकायतों के आधार पर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) को जांच का निर्देश दिया गया था।
जांच में कई मामलों को पर्याप्त कारण के बिना लंबे समय से लंबित रखे जाने की बात सामने आई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर मोहनिया अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।निरीक्षण के दौरान दाखिल-खारिज के मामलों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। मोहनिया अंचल में कुल 3,208 दाखिल-खारिज आवेदन दर्ज हैं, जिनमें 2,507 मामलों का निष्पादन हो चुका है, जबकि 701 मामले लंबित हैं। इनमें 393 मामले 35 दिनों से कम, 258 मामले 35 से 75 दिनों के बीच, 49 मामले 75 दिनों से अधिक तथा एक मामला 120 दिनों से अधिक समय से लंबित है।
डीएम ने बिना आपत्ति वाले और निष्पादन योग्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाकर शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया।वहीं, परिमार्जन के 1,944 मामले लंबित पाए गए। डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को इन मामलों की नियमित समीक्षा कर नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।अतिक्रमण के मामलों की समीक्षा में कुल 360 मामलों में से 187 का निष्पादन पाया गया, जबकि 173 मामले लंबित हैं। डीएम ने लंबित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और समयबद्ध निष्पादन का निर्देश दिया।निरीक्षण में भूमि विवाद एवं सरकारी भूमि से संबंधित मामलों की फाइलिंग और अभिलेखों के संधारण में भी कमियां पाई गईं। जिला पदाधिकारी ने सभी संचिकाओं को व्यवस्थित रखने, अभिलेखों को अद्यतन करने तथा प्रत्येक मामले में की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया।भू-समाधान पोर्टल की समीक्षा के
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
