
कैमूर में कृषि यंत्रीकरण मेले का शुभारंभ, पहले दिन 35.60 लाख के कृषि यंत्रों की हुई खरीदारी
20 स्टॉलों पर 34 प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, किसानों को आधुनिक तकनीक और सरकारी अनुदान की दी गई जानकारी
भभुआ (कैमूर)। जिले के संयुक्त कृषि भवन, भभुआ में गुरुवार को दो दिवसीय कृषि यंत्रीकरण मेला 2026-27 का शुभारंभ जिला पदाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना, खेती की लागत कम करना तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रोत्साहित करना है।उद्घाटन के दौरान जिला पदाधिकारी ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार खेती करने तथा मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी।
साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनाकर खेती को आसान और लाभकारी बनाने पर जोर दिया।डीएम ने किसानों से पराली एवं फसल अवशेष नहीं जलाने की अपील करते हुए स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ बेलर और सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने को कहा।मेले में कुल 20 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां 34 प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है। छह निबंधित कृषि यंत्र विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को जीरो टिलेज मशीन, सुपर सीडर, स्ट्रॉ रीपर, पैडी थ्रेशर, इलेक्ट्रिक चाफ कटर और रोटावेटर सहित विभिन्न आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा कृषि यंत्रों की खरीद पर मिलने वाले सरकारी अनुदान और आवेदन एवं खरीदारी की प्रक्रिया से भी किसानों को अवगत कराया जा रहा है।मेले के पहले दिन किसानों ने कुल 35.60 लाख रुपये के कृषि यंत्रों की खरीदारी की। इसमें 39 जीरो टिलेज मशीन, 7 सुपर सीडर, 9 स्ट्रॉ रीपर, 35 पैडी थ्रेशर तथा 33 रोटावेटर/रोटरी टिलर सहित अन्य कृषि उपकरण शामिल हैं।इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को कृषि यंत्रों की उपयोगिता, मिट्टी जांच और सरकार की कृषि योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।दो दिवसीय मेले के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और पर्यावरण अनुकूल पद्धतियों को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
