जिले में एलपीजी की कमी रोजाना मांग से कम हो रही आपुर्ती

आयुक्त महोदय, पटना प्रमंडल द्वारा एलपीजी, पेट्रोलियम और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित की गई विस्तृत समीक्षाआज दिनांक 01 अप्रैल 2026 को समाहरणालय स्थित माँ मुंडेश्वरी सभागार में आयुक्त महोदय पटना प्रमण्डल, श्री अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में एलपीजी एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, मूल्य नियंत्रण, आपूर्ति व्यवस्था तथा प्रवासी श्रमिकों से संबंधित विषयों पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, स्टॉक एवं बैकलॉग की स्थिति की समीक्षा की गई।

बताया गया कि जिले में प्रतिदिन औसतन 5788 सिलेंडरों की मांग के विरुद्ध 4495 सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है, जिससे लगभग 3.6 दिनों का बैकलॉग बना हुआ है। मार्च 2026 में एलपीजी आपूर्ति में 14,311 सिलेंडरों की कमी दर्ज की गई।पेट्रोलियम उत्पादों (पेट्रोल एवं डीजल) की उपलब्धता की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में कुल 68 रिटेल आउटलेट में से 58 संचालित हैं तथा सभी में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

किसी भी आउटलेट पर ड्राई आउट की स्थिति नहीं पाई गई।जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार गठित टीमें एल.पी.जी. एजेंसियों और पेट्रोल पंपों के स्टॉक की निरंतर स्थलीय जाँच और छापेमारी कर रही हैं। अब तक 151 स्थानों पर जाँच की जा चुकी है।जनता की शिकायतों के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र में कंट्रोल रूम (दूरभाष: 06189-222080) सक्रिय है।

14 मार्च से 30 मार्च के बीच प्राप्त 301 शिकायतों में से 252 का सफल निष्पादन किया जा चुका है।प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि “दीदी की रसोई” योजना के तहत गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। वर्तमान में जिले में संचालित 14 रसोईयों को आवश्यकतानुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर सतत निगरानी रखने, नियमित जांच एवं छापेमारी करने तथा ईसी एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।

अब तक 151 निरीक्षण किए जा चुके हैं।प्रवासी श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में जिले में बाहर से लौटे श्रमिकों की संख्या शून्य है।उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में सभी प्रमुख उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं एवं वितरण व्यवस्था सुचारू है।खाद्य पदार्थों और रिटेल वस्तुओं के मूल्यों में अनुचित वृद्धि रोकने के लिए ‘प्राइस मॉनिटरिंग सेल’ (P.M.C.) द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है।आयुक्त महोदय द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, नियमित निगरानी एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देने के निर्देश दिए गए।

( कैमर से अफसार आलम की रीपोर्ट)

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