वित्त रहित शिक्षकों के समर्थन में कांग्रेस का हल्ला बोल, भभुआ में धरना देकर सरकार को घेरा

वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म करने की मांग पर कांग्रेस का धरना, शिक्षकों के समायोजन को लेकर सरकार पर बोला हमला

भभुआ में एक दिवसीय प्रदर्शन के दौरान सांसद मनोज कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठाए सवाल, कहा– पुलिस का काम गिरफ्तारी है, फैसला करना नहीं

भभुआ (कैमूर)।बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के आह्वान पर शनिवार को कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ स्थित लिच्छवी भवन के समीप कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने तथा वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं शिक्षा से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से वित्त रहित शिक्षकों को नियमित सेवा, वेतनमान एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।

धरना को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राधेश्याम कुशवाहा ने कहा कि बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वित्त रहित शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को आज भी नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और सम्मानजनक जीवन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है।

उन्होंने सरकार से इनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक डॉ. संजय यादव ने कहा कि बिहार में वित्त रहित शिक्षा व्यवस्था को चार दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान वित्त रहित विद्यालयों, इंटर कॉलेजों एवं डिग्री महाविद्यालयों के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों ने सीमित संसाधनों में लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा देकर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। इसके बावजूद उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सभी वित्त रहित शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य, सेवानिवृत्त कर्मियों, छात्रों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा प्रेमियों से आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे सासाराम संसदीय क्षेत्र के सांसद मनोज कुमार से भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पत्रकारों ने सवाल किया। इस पर सांसद ने कहा कि पुलिस का दायित्व किसी आरोपी को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार न्यायिक प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत करना है।

उन्होंने संबंधित एनकाउंटर की आलोचना करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर कानून के विपरीत कार्रवाई हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।सांसद ने आगे कहा कि यदि हर निर्णय पुलिस ही करेगी तो न्यायालय, संसद और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में सभी मामलों का निपटारा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षक एवं समर्थक मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और आंदोलनकारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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