
चार वर्षों से जल-जमाव की मार झेल रहा नसेज गांव, सड़क-नाली बदहाल होने से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
400 परिवार और 2700 मतदाता बुनियादी सुविधाओं से वंचित, स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक गंदे पानी से गुजरने को मजबूर; एसडीएम ने जांच टीम गठित कर कार्रवाई का दिया आश्वासन
कैमूर। कुदरा प्रखंड के नसेज गांव में पिछले चार वर्षों से जल-जमाव, जर्जर सड़क और अधूरी नाली निर्माण की समस्या ने ग्रामीणों का जीवन बेहाल कर दिया है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। गांव की गलियों में घुटने भर पानी जमा रहने के कारण लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक कई बार सांसद, कैमूर के जिलाधिकारी तथा कुदरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
उनका आरोप है कि नाली निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण जल निकासी नहीं हो पा रही और पूरा गांव जल-जमाव की चपेट में है।ग्रामीणों के अनुसार लगभग 2700 मतदाताओं और करीब 400 परिवारों वाला यह गांव एकमात्र मुख्य मार्ग पर निर्भर है। इसी रास्ते से गांव के बच्चे 10+2 राम अवतार सिंह विद्यालय पढ़ने जाते हैं। प्रतिदिन छात्रों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना और बीमारी का खतरा भी बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल-जमाव की वजह से गांव की पहचान खराब हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि शादी-विवाह के अच्छे रिश्ते भी आने बंद हो गए हैं। लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गांव विकास से कोसों दूर दिखाई दे रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब नाली-गली और सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने तथा स्थायी जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।इस संबंध में मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने कहा कि कुदरा प्रखंड के नसेज गांव में नाली निर्माण और जल-जमाव की समस्या का मामला संज्ञान में आया है।
वीडियो और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाली का कुछ कार्य हुआ है, लेकिन जल-जमाव की स्थिति गंभीर है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जा रही है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता जल-जमाव समाप्त कर संभावित महामारी के खतरे को रोकना है। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
