
जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, कैमूर में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारं
भभभुआ (कैमूर)। जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देते हुए कैमूर जिला प्रशासन ने जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (District Census Handbook-DCHB) के निर्माण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े सभी चार्ज पदाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB) किसी भी जिले के सामाजिक, आर्थिक एवं आधारभूत विकास का महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। इसमें जिले के सभी गांवों और नगरों से संबंधित शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, सड़क, परिवहन, संचार, बैंकिंग, कृषि, भूमि उपयोग, उद्योग सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रमाणिक एवं अद्यतन जानकारी संकलित की जाती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा नीति निर्धारण में इस दस्तावेज की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि 1 अगस्त से 30 अगस्त तक निर्धारित अवधि में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का कार्य शत-प्रतिशत शुद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।उन्होंने बताया कि इस बार जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के लिए डेटा संग्रहण एवं अनुश्रवण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
फील्ड स्तर पर जानकारी संकलित करने के लिए DCHB मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जबकि डेटा की निगरानी एवं सत्यापन DCHB वेब पोर्टल के माध्यम से होगा। अधिकारियों को इन दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म का समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का प्रकाशन दो भागों में किया जाएगा। पहला भाग ‘क’ ग्राम एवं नगर निर्देशिका (Village and Town Directory) तथा दूसरा भाग ‘ख’ ग्राम एवं नगरवार प्राथमिक जनगणना सारांश (Primary Census Abstract) होगा।अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्राम एवं नगर निर्देशिका के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क एवं परिवहन, विद्युत, स्वच्छता, संचार, बैंकिंग, भूमि उपयोग, कृषि, उद्योग तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित सभी सूचनाओं का फील्ड स्तर पर सत्यापन कर प्रमाणिक एवं अद्यतन डेटा संकलित किया जाए।जिलाधिकारी ने वरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, भौतिक सत्यापन तथा डिजिटल मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर डेटा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। सभी चार्ज पदाधिकारी प्रतिदिन कार्य की समीक्षा करेंगे और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा कर जिला जनगणना कार्यालय को प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे।प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ एवं मोहनियां, भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर), जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी चार्ज पदाधिकारी तथा जनगणना निदेशालय, बिहार, पटना से श्री नीरज कुमार सिंह सहित जनगणना कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के समन्वित प्रयास से जनगणना-2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB) का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण एवं सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
