
मुंडेश्वरी धाम के कायाकल्प की तैयारी तेज, हेलीपैड-कैफेटेरिया और पार्किंग को मिलेगी जगह
भभुआ/कैमूर। ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहर माँ मुंडेश्वरी धाम के समग्र विकास को लेकर जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शनिवार को जिला पदाधिकारी कैमूर श्री कुमार अनुराग ने मुंडेश्वरी धाम एवं आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं, पर्यटन विकास, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी भूमि के सुनियोजित उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंदिर परिसर के साथ तलहटी क्षेत्र में स्थित रंगमंच, इको पार्क, धार्मिक न्यास परिषद अतिथि गृह और संग्रहालय परिसर का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया।10 एकड़ भूमि पर बनेगा आधुनिक सुविधा परिसरन्यास परिषद की करीब 10 एकड़ भूमि, जो वर्तमान में खुले पार्क के रूप में उपलब्ध है, को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस भूमि पर स्थायी हेलीपैड, आधुनिक कैफेटेरिया और बड़े पैमाने पर सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।डीएम ने प्रथम चरण में अंचलाधिकारी को जमीन का सीमांकन कराने का निर्देश दिया है।
सीमांकन के बाद लेआउट तैयार कर पर्यटन विभाग तथा कला एवं संस्कृति विभाग को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई।संग्रहालय का होगा आधुनिकीकरण, सुरक्षा के लिए पुलिस नाकामुंडेश्वरी धाम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले संग्रहालय के आधुनिकीकरण और विस्तार पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संग्रहालय के समीप स्थायी पुलिस नाका स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।पुलिस नाका के लिए भी भूमि का सीमांकन कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।सरकारी जमीन का होगा पूरा सीमांकनजिला पदाधिकारी ने मुंडेश्वरी धाम क्षेत्र में मौजूद सभी सरकारी भूमि का शीघ्र और सटीक सीमांकन कराने का निर्देश अंचलाधिकारी एवं राजस्व विभाग को दिया।
प्रशासन की योजना है कि सरकारी, रैयती और वन भूमि को स्पष्ट रूप से चिह्नित कर उसका विस्तृत नक्शा तैयार किया जाए।चिन्हित सरकारी भूमि पर भविष्य की जरूरतों के अनुसार चरणबद्ध एवं सुनियोजित विकास कार्य कराए जाएंगे, जिससे अतिक्रमण की संभावनाओं को भी रोका जा सके।दो चरणों में आगे बढ़ेगा विकास कार्यडीएम के निर्देश के अनुसार पहले चरण में पूरे क्षेत्र की भूमि की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें सरकारी, रैयती और वन भूमि को अलग-अलग स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा।दूसरे चरण में न्यास समिति द्वारा संग्रहालय को पुनः संचालित करने तथा अस्थायी पुलिस चौकी की व्यवस्था करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पार्किंग, हेलीपैड और कैफेटेरिया के निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।
“मुंडेश्वरी धाम कैमूर की अमूल्य पहचान”स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी कुमार अनुराग ने कहा कि माँ मुंडेश्वरी धाम कैमूर जिले की अमूल्य ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पहचान है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना और पूरे क्षेत्र का संतुलित एवं सुनियोजित विकास प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।निरीक्षण के दौरान न्यास के सचिव श्री अशोक, अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ सहित अन्य प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को लिए गए निर्णयों पर अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने और प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
