खराटी खुर्द की सड़क के लिए भूख हड़ताल, BDO और प्रखंड प्रमुख पहुंचे, मंत्री ने फोन पर दिया आश्वासन

सड़क की मांग को लेकर हिरन यादव का भूख हड़ताल जारी, बीडीओ और प्रखंड प्रमुख ने पहुंचकर की बातचीतमंत्री मोहम्मद जमा खान ने फोन पर दिया जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन, युवक बोला- मंत्री के मौके पर पहुंचने तक नहीं तोड़ेंगे हड़ताल

चांद (कैमूर)। आजादी के दशकों बाद भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित कैमूर जिले के चांद प्रखंड अंतर्गत शिवरामपुर पंचायत के खराटी खुर्द गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण युवक हिरन यादव द्वारा शुरू की गई भूख हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। अपनी मांग को लेकर युवक ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मौके पर पहुंचकर बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह चैनपुर विधायक मोहम्मद जमा खान ग्रामीणों से मुलाकात नहीं करते और सड़क निर्माण को लेकर ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेगा।शनिवार, 29 अगस्त 2026 को दोपहर करीब एक बजे चांद प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी मोहम्मद हदीद खान और प्रखंड प्रमुख चंदन कुमार सिंह खराटी खुर्द पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे हिरन यादव से बातचीत की। अधिकारियों और प्रखंड प्रमुख ने युवक की मांगों को गंभीरता से सुना और उसे समझाने-बुझाने का प्रयास किया।

इस दौरान प्रखंड पदाधिकारियों ने फोन के माध्यम से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान से भी हिरन यादव की बातचीत कराई। मंत्री ने फोन पर युवक को आश्वासन देते हुए कहा कि सड़क निर्माण की मांग को सरकार तक पहुंचाया जा चुका है और इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि वह जल्द ही स्वयं मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात करेंगे।मंत्री ने युवक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील करते हुए पानी या जूस पीकर हड़ताल तोड़ने को कहा। अधिकारियों और प्रखंड प्रमुख ने भी युवक को समझाते हुए कहा कि उसकी मांगों को लेकर प्रशासन गंभीर है और जल्द ही समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।‘मंत्री के आने तक नहीं तोड़ेंगे

हड़ताल’हालांकि, हिरन यादव अपने निर्णय पर अडिग है। उसका कहना है कि वह केवल आश्वासन के आधार पर अपनी भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेगा। युवक ने कहा कि जब तक मंत्री मोहम्मद जमा खान स्वयं खराटी खुर्द पहुंचकर ग्रामीणों की स्थिति को नहीं देखते, तब तक वह हड़ताल जारी रखेगा।हिरन यादव ने कहा कि खराटी खुर्द के लोग वर्षों से सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उसके अनुसार, गांव के लोगों के पूर्वज भी लंबे समय तक इसी समस्या के बीच जीवन जीते रहे हैं, लेकिन अब नई पीढ़ी ऐसी स्थिति में जीवन बिताने को तैयार नहीं है।बीमार और गर्भवती महिलाओं को खाट पर ले जाने की मजबूरीयुवक ने गांव की सबसे बड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क नहीं होने के कारण आपात स्थिति में ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

खासकर गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के समय या किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब होने पर मरीज को खाट के सहारे काफी दूर तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद किसी वाहन की मदद से अस्पताल पहुंचाया जाता है।उन्होंने कहा कि गांव में यदि किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो शव को भी कई किलोमीटर तक खाट पर उठाकर ले जाने की मजबूरी रहती है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। सांप या बिच्छू के काटने जैसी आपात घटनाओं में समय पर इलाज नहीं मिल पाने का खतरा बना रहता है।‘धरातल पर आकर देखें अधिकारी और जनप्रतिनिधि’हिरन यादव ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। किसी मंत्री, विधायक या आला अधिकारी को गांव में आकर धरातल पर स्थिति देखनी चाहिए कि खराटी खुर्द के ग्रामीण आखिर किस तरह की कठिनाइयों के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग कोई बड़ी मांग नहीं है। गांव तक पक्की सड़क पहुंचाना लोगों का बुनियादी अधिकार है।

सड़क बनने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी बड़ी राहत मिलेगी।युवक ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती और सड़क निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेगा।प्रशासन के आश्वासन से जगी उम्मीदइधर, बीडीओ मोहम्मद हदीद खान और प्रखंड प्रमुख चंदन कुमार सिंह के मौके पर पहुंचने तथा मंत्री मोहम्मद जमा खान से फोन पर बातचीत कराने के बाद ग्रामीणों में सड़क निर्माण को लेकर उम्मीद जगी है। मंत्री द्वारा जल्द मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से मिलने और काम शुरू कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि वर्षों पुरानी सड़क की समस्या वास्तव में धरातल पर दूर होती है तो यह खराटी खुर्द के लोगों के लिए बड़ी राहत होगी। अब देखना होगा कि मंत्री के आश्वासन के बाद सड़क निर्माण का कार्य कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और भूख हड़ताल पर बैठे हिरन यादव की मांग का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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