
भू-अर्जन कार्यों में तेजी लाने का निर्देश, भारतमाला परियोजना के तीन पैकेजों में करोड़ों रुपये मुआवजा वितरित
भभुआ (कैमूर)। जिला पदाधिकारी, कैमूर की अध्यक्षता में शनिवार, 29 अगस्त 2026 को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में भू-अर्जन (Land Acquisition), राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन कार्यों की प्रगति, मुआवजा वितरण तथा लंबित मामलों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, मुआवजा वितरण, दखल-कब्जा, पंचाट निर्माण तथा लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना में अब तक हुई प्रगति की जानकारी लेते हुए उन बिंदुओं को चिन्हित किया गया, जहां कार्यों के निष्पादन में विलंब हो रहा है।भारतमाला परियोजना के पैकेजवार मुआवजा भुगतान की समीक्षाबैठक में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि का पैकेजवार समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा जिला पदाधिकारी को मुआवजा भुगतान एवं आवेदनों के निष्पादन से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई गई।पैकेज-I के तहत कुल 211 आवेदन पत्रों का निष्पादन करते हुए रैयतों को 22 करोड़ 21 लाख 25 हजार 935 रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है।वहीं पैकेज-II में 927 रैयतों को कुल 1 अरब 30 करोड़ 69 लाख 6 हजार 605 रुपये की राशि अंतरित की गई है।इसी प्रकार पैकेज-III में 785 आवेदनों के विरुद्ध 58 करोड़ 36 लाख 69 हजार 956 रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई है।इस प्रकार भारतमाला परियोजना के इन तीन पैकेजों में अब तक बड़ी संख्या में रैयतों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है।
बैठक में शेष लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।आर्बिट्रेशन और कोर्ट मामलों को प्राथमिकता से निपटाने का निर्देशजिला पदाधिकारी ने आर्बिट्रेशन न्यायालय, कोर्ट केस तथा मिसिंग प्लॉट्स से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए इनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के कारण भू-अर्जन एवं विकासात्मक परियोजनाओं के कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। संबंधित अधिकारियों को मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।रैयतों को समय पर मिले मुआवजाजिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अधिगृहीत भूमि के भू-स्वामियों यानी रैयतों को पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय-सीमा के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। भू-अर्जन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब से रैयतों को परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करने को कहा गया।उन्होंने भू-अर्जन से संबंधित किसी भी प्रकार के विवाद, आपत्ति अथवा तकनीकी समस्या का नियमानुसार त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया, ताकि NH, NHAI एवं भारतमाला जैसी महत्वपूर्ण विकासात्मक परियोजनाओं के निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
परियोजनाओं की प्रगति पर रहेगी नजरबैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भू-अर्जन से जुड़े सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए। विशेष रूप से मुआवजा भुगतान, दखल-कब्जा, पंचाट निर्माण और न्यायालय से संबंधित मामलों में तेजी लाने पर जोर दिया गया।जिला प्रशासन की इस समीक्षा बैठक को जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं के कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।बैठक में अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, कैमूर, अनुमंडल पदाधिकारी, भभुआ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, भभुआ एवं मोहनियां सहित विभिन्न एजेंसियों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
