
भभुआ/कैमूर। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार, समाज कल्याण विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन, कैमूर के संयुक्त तत्वावधान में जिलास्तर एवं प्रखंडस्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष दिवस का मुख्य संदेश “सक्रिय एवं स्वस्थ वृद्धावस्था, इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग तथा वृद्धजनों के अधिकार एवं कल्याण के प्रति जन-जागरूकता” रखा गया।जिला पदाधिकारी कुमार अनुराग एवं पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी वृद्धजनों को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बुजुर्गों के अधिकारों के संरक्षण एवं उनके कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।जिला पदाधिकारी के निर्देश पर मुख्य कार्यक्रम पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय, भभुआ में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, युवा, छात्र-छात्राएं एवं आमजन शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त रोहित कर्दम उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, स्थापना उप समाहर्ता, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी भभुआ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानितकार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ नागरिकों एवं वृद्धजन कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित कर की गई। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष, पेंशनर संघ कैमूर एवं बाबूलाल चौबे, संगठन सचिव, चैनपुर को सम्मानित किया गया।
वहीं वृद्धजनों के कल्याण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के क्षेत्र में कार्य करने के लिए मीरा देवी, बीडीसी भभुआ तथा दिलीप कुमार, जिला संगठन आयुक्त, भारत स्काउट एंड गाइड, कैमूर को भी सम्मानित किया गया।30 सितंबर को जिले के विद्यालयों में “हमारे बुजुर्ग : न्याय, संरक्षण एवं सम्मान” विषय पर आयोजित पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस दौरान बच्चों में वृद्धजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करने के प्रयासों की सराहना की गई।वृद्धजनों के अधिकारों के प्रति जागरूकता जरूरी : डीडीसीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त रोहित कर्दम ने कहा कि वृद्धजनों के अधिकार और सम्मान के प्रति केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के बीच जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था तथा विभिन्न पीढ़ियों के बीच बेहतर संबंध के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।उन्होंने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत गठित अधिकरण/ट्रिब्यूनल के कार्यों एवं भरण-पोषण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पात्र माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करने पर अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने उपस्थित लोगों को वृद्धजनों के अधिकार, सम्मान एवं कल्याण सुनिश्चित करने तथा उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार करने की शपथ दिलाई। साथ ही नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़कर नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की भी शपथ दिलाई गई।कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारीअनुमंडल पदाधिकारी, भभुआ ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने अनुमंडल स्तरीय अधिकरण की कार्यप्रणाली एवं प्रक्रिया और वृद्धजनों के अधिकारों की रक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया।जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 21 में निहित समानता तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार रखता है। उन्होंने वृद्धजनों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण तथा सिविल सर्जन, कैमूर ने भी वृद्धजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का भाव रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सामाजिक, स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी जरूरतों के प्रति परिवार और समाज के प्रत्येक सदस्य को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।नुक्कड़ नाटक, हेल्थ चेकअप और पेंशन हेल्प डेस्क लगाकार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों के अधिकार, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जागरूकता दी गई।
नुक्कड़ मंडली की टीम ने वृद्धजनों के अधिकार एवं कल्याण पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके अलावा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया तथा विशिष्ट अतिथियों एवं वृद्धजनों द्वारा पौधरोपण किया गया।कार्यक्रम स्थल पर वृद्धजनों की सुविधा के लिए पेंशन हेल्प डेस्क एवं हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाया गया, जहां उन्हें पेंशन एवं स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।कार्यक्रम का संयोजन श्रीमती पूनम कुमारी, सहायक निदेशक, जिला समाज सुरक्षा कोषांग, कैमूर ने किया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
