
अधौरा/कैमूर। बिहार सरकार ने कैमूर और रोहतास जिले के दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 177 बसावटों एवं 132 गांवों के कुल 21,644 घरों तक ग्रिड के माध्यम से बिजली पहुंचाने से संबंधित योजना की संशोधित लागत ₹351.85 करोड़ को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है।इस निर्णय से विशेष रूप से कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच लंबे समय से चली आ रही ग्रिड बिजली की उम्मीद को बल मिला है।
अधौरा कैमूर के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित प्रखंड है और जिला प्रशासन के अनुसार कैमूर का भौगोलिक क्षेत्र मैदानी और पहाड़ी, दोनों हिस्सों में विभाजित है।21,644 घरों तक पहुंचेगी ग्रिड बिजलीयोजना के तहत कैमूर और रोहतास के चयनित गांवों एवं बसावटों को ग्रिड से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके लिए संशोधित लागत 351.85 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। योजना के धरातल पर उतरने के बाद लंबे समय से बिजली की बेहतर और नियमित आपूर्ति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।अधौरा जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे का विस्तार आसान नहीं रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां विद्युत लाइन और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विस्तार मैदानी क्षेत्रों की तुलना में चुनौतीपूर्ण रहा है।
ऐसे में ग्रिड कनेक्टिविटी की दिशा में यह स्वीकृति क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।अधौरा के पहाड़ों में विकास की नई उम्मीदचैनपुर विधानसभा क्षेत्र के अधौरा प्रखंड में ग्रिड बिजली पहुंचने की दिशा में हुई इस पहल से स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और छोटे व्यवसायों के क्षेत्र में भी बदलाव की उम्मीद है। बिजली की उपलब्धता से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में भी मदद मिल सकती है।स्थानीय स्तर पर इस योजना को अधौरा के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास कदम के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बिजली की स्थायी सुविधा मिलने से गांवों में रात के समय रोशनी के साथ-साथ घरेलू और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।विधायक एवं मंत्री मो. जमा खान के प्रयास का किया जा रहा उल्लेखचैनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं बिहार सरकार के मंत्री मो. जमा खान की ओर से क्षेत्र में ग्रिड बिजली पहुंचाने की मांग और प्रयासों का भी स्थानीय स्तर पर उल्लेख किया जा रहा है।
समर्थकों और स्थानीय लोगों के अनुसार, अधौरा के दुर्गम पहाड़ी इलाकों को ग्रिड बिजली से जोड़ने की दिशा में कैबिनेट की मंजूरी क्षेत्र के हजारों परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आई है।हालांकि, योजना की वास्तविक उपलब्धि इसके क्रियान्वयन, विद्युत अधोसंरचना के निर्माण और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा होने पर निर्भर करेगी।बिजली के साथ विकास की राह होगी आसानग्रिड बिजली किसी भी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की आधारभूत जरूरतों में शामिल है। अधौरा जैसे पहाड़ी क्षेत्र में बिजली पहुंचने से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी संस्थानों और ग्रामीण बाजारों को भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
इसके अलावा मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट आधारित सेवाओं और छोटे स्तर के व्यवसायों के विस्तार में भी बिजली की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।कैमूर जिला प्रशासन के अनुसार अधौरा प्रखंड में 11 पंचायतें और 131 गांव दर्ज हैं, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक और ग्रामीण आबादी के विस्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब लोगों की नजर योजना के क्रियान्वयन पर है। यदि प्रस्तावित विद्युत नेटवर्क का निर्माण निर्धारित तरीके से पूरा होता है, तो अधौरा के पहाड़ी गांवों में वर्षों से चली आ रही ग्रिड बिजली की कमी दूर होने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।अधौरा के पहाड़ों में बिजली की रोशनी पहुंचने की यह पहल केवल विद्युत कनेक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास की नई संभावनाओं के खुलने की उम्मीद है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट/
