
धान की कटाई के दौरान भंवरों का हमला, तीन लोग गंभीर रूप से घायल; 70 वर्षीय महिला की हालत नाजुक
चांद (कैमूर)। कैमूर जिले के चांद थाना क्षेत्र अंतर्गत दुगुथुआ गांव में सोमवार की शाम भंवरों (बड़ी मधुमक्खियों) के हमले से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई, जब तीनों खेत में धान की कटाई कर रहे थे। अचानक भंवरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया और शरीर के कई हिस्सों में डंक मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार 2 नवंबर 2026 को शाम करीब चार बजे दुगुथुआ गांव में धान की कटाई के दौरान यह घटना हुई।
भंवरों के हमले में फूला देवी (70 वर्ष), पति जयराम यादव, रामानंद यादव (21 वर्ष) तथा लालजी सिंह कुशवाहा (68 वर्ष) घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तीनों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चांद पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया।घायलों में 70 वर्षीय फूला देवी की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, उन्हें बड़ी संख्या में भंवरों ने डंक मारा है, जिसके कारण वह बेहोशी की हालत में अस्पताल लाई गईं। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। वहीं, अन्य दोनों घायलों का भी इलाज किया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलने पर कुड़ी पंचायत के समाजसेवी बबलू सिंह और वार्ड सदस्य राजू साइन भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल लोगों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।भंवरों को हल्के में न लें, सावधानी बरतने की जरूरतइस घटना के बाद चिकित्सकों ने आम लोगों से भंवरों और मधुमक्खियों के हमले को हल्के में नहीं लेने की अपील की है। चिकित्सकों के अनुसार, बड़ी संख्या में डंक लगने से शरीर में गंभीर प्रतिक्रिया, सूजन, बेहोशी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं। समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने पर स्थिति जानलेवा भी बन सकती है।चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि खेतों में धान की कटाई या अन्य कृषि कार्यों के दौरान यदि मधुमक्खियों अथवा भंवरों का झुंड दिखाई दे तो उससे दूरी बनाए रखें। हमला होने की स्थिति में बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार कराएं। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
