
भभुआ सदर अस्पताल में बाल सुधार गृह के वाहन पर हमला, अधीक्षक और सुरक्षाकर्मियों से मारपीट का आरोपवाहन का शीशा तोड़ने का प्रयास, कुछ बाल कैदियों और एक सिपाही को आई हल्की चोटें; पुलिस ने शुरू की जांच
भभुआ (कैमूर)। कैमूर जिले के भभुआ सदर अस्पताल में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मेडिकल जांच के लिए बाल कैदियों को लेकर पहुंचे बाल सुधार गृह के वाहन पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान वाहन का शीशा क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया गया। वहीं, बाल सुधार गृह के अधीक्षक और सुरक्षा में तैनात सिपाहियों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना में कुछ बाल कैदियों और एक सिपाही को हल्की चोटें आने की जानकारी मिली है।
अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव और हड़कंप की स्थिति बन गई।मिली जानकारी के अनुसार, बाल सुधार गृह के अधीक्षक अजय कुमार गुरुवार को न्यायालय के निर्देश पर बाल कैदियों को मेडिकल जांच कराने के लिए अपने वाहन से भभुआ सदर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल परिसर में मुख्य गेट के समीप वाहन खड़ा था। इसी दौरान भभुआ वार्ड संख्या 14 की एक महिला अपनी बच्ची का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। बताया जाता है कि वाहन को पीछे करने के दौरान महिला के साथ संपर्क होने के बाद विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि इसी बात को लेकर महिला की ओर से गाली-गलौज की गई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ने लगी।देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। बाल सुधार गृह के अधीक्षक अजय कुमार के अनुसार, विवाद के दौरान बाइक से तीन लोग मौके पर पहुंचे और बाल सुधार गृह के वाहन को निशाना बनाते हुए उसके शीशे को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। इस दौरान वाहन की सुरक्षा में तैनात सिपाही के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है।बाल कैदियों को भगाने की नीयत से हमले का आरोपबाल सुधार गृह के अधीक्षक अजय कुमार ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि हमला महज विवाद का नतीजा नहीं था, बल्कि बाल कैदियों को वाहन से भगाने की नीयत से हमला किया गया था। हालांकि, अधीक्षक द्वारा लगाए गए इस आरोप की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हमले के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और आरोपित लोगों की मंशा क्या थी।घटना के दौरान कुछ बाल कैदियों और एक सिपाही को हल्की चोटें आने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद अस्पताल परिसर में मौजूद सुरक्षा गार्डों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे थानाध्यक्षघटना की जानकारी मिलते ही भभुआ थानाध्यक्ष अवधेश कुमार पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और बाल सुधार गृह के अधीक्षक सहित संबंधित लोगों से पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की।
बताया जा रहा है कि विवाद में शामिल बताए जा रहे लोग भभुआ नगर के वार्ड संख्या 14 के निवासी हैं।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के कारणों, हमले में शामिल लोगों की भूमिका और बाल कैदियों को भगाने की कथित मंशा सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवालसदर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बाल कैदियों को मेडिकल जांच के लिए लाए जाने के दौरान इस तरह की घटना सामने आने से अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि सुरक्षा में तैनात कर्मियों और सरकारी वाहन पर हमला किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर मामला माना जाएगा। फिलहाल पुलिस की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
