खेलो इंडिया योजना पर गंभीर सवाल भभुआ में खेल सुविधाओं की बदहाली उजागर

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ‘खेलो इंडिया’ योजना: भभुआ में खेल सुविधाओं की बदहाली पर उठे गंभीर सवालकैमूर (भभुआ)। जिले में खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर आयोजित एक अहम प्रेस वार्ता में ‘खेलो इंडिया’ योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े किए गए।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विकसित की गई खेल संरचनाएं भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और अनियमितताओं की भेंट चढ़ चुकी हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।प्रेस वार्ता में मौजूद जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में बनाए गए खेल मैदानों और कोर्ट की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है।

कई स्थानों पर स्थिति ऐसी है कि खिलाड़ी वहां अभ्यास करना तो दूर, सामान्य रूप से दौड़ भी नहीं सकते। वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट को ‘सब-स्टैंडर्ड’ बताते हुए कहा गया कि ये केवल कागजी खानापूर्ति और सरकारी राशि की निकासी का माध्यम बनकर रह गए हैं।स्थान चयन पर भी उठे सवालवक्ताओं ने योजनाओं के क्रियान्वयन में मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि महुआ क्षेत्र के लिए स्वीकृत जिम को भभुआ स्थित सर्किट हाउस में स्थापित कर दिया गया, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मांग की गई कि इस जिम को खिलाड़ियों की सुविधा के लिए जगजीवन स्टेडियम में स्थानांतरित किया जाए।

खेल सामग्री खरीद में अनियमितता का आरोपप्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा स्कूलों पर एक ही ठेकेदार से खेल सामग्री खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। हाई स्कूलों को ₹25,000 और मध्य विद्यालयों को ₹10,000 की राशि आवंटित की गई है, लेकिन खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है।

इसे कमीशनखोरी का मामला बताते हुए पारदर्शिता की मांग की गई।अधूरे और मानकविहीन निर्माण कार्यनुआंव और रामगढ़ प्रखंड में बनाए जा रहे मिनी स्टेडियमों के मिट्टीकरण और समतलीकरण कार्य को मानकों के विपरीत बताया गया। वहीं, दुर्गावती में प्रस्तावित मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। एवती पंचायत में खेल मैदान की घेराबंदी जर्जर स्थिति में है और गिरने की कगार पर बताई गई।प्रमुख मांगें उठाई गईंप्रेस वार्ता में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से कई अहम मांगें रखीं—सभी खेल संरचनाओं और निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएअतिक्रमण की चपेट में आए खेल मैदानों को तत्काल मुक्त कराया जाएमहुआ स्टेडियम में 8-लेन सिंथेटिक ट्रैक निर्माण के लिए पुनः मापी कर प्रस्ताव भेजा जाएस्कूलों में खेल सामग्री की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएखिलाड़ियों के भविष्य पर चिंतावक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित होगा।

उन्होंने कहा कि बास्केटबॉल कोर्ट जैसे कई ढांचे केवल कागजों पर ही मौजूद हैं और जमीनी स्तर पर उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है।प्रेस वार्ता में चैनपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बृजकिशोर बिंद, भभुआ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिरेंद्र कुशवाहा, रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत सिंह, राजद जिला अध्यक्ष अकलू राम सहित बबन लाल श्रीवास्तव, आशिफ मुन्ना खान, संतोष सिंह, इस्लाम अंसारी, अवधेश कुशवाहा, ललन यादव, जगनरायण यादव, सिदेश्वर कुशवाहा, मुन्ना सिंह, मुकेश पटेल, सलमान खान, अशोक यादव कैमूरी, रामदुलार यादव, धनंजय यादव, सुभाष यादव, श्यामनारायण तिवारी, रोहित तिवारी, हैदर अली, भरत यादव, सत्येंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।निष्कर्षतः, प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि खेल सुविधाओं में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की मांग है, ताकि जिले के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।

। ( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)

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