मुंडेश्वरी धाम से उड़ी पर्यटन की नई उड़ान, कैमूर में हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ

मुंडेश्वरी धाम से उड़ी पर्यटन की नई उड़ान, कैमूर में हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ

भभुआ/कैमूर। कैमूर जिले के विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक माँ मुंडेश्वरी धाम में मंगलवार को पर्यटन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया। जिले में बहुप्रतीक्षित हेलीकॉप्टर टूरिज्म सेवा की औपचारिक शुरुआत हो गई। इस योजना के तहत पहली बार हेलीकॉप्टर ने मुंडेश्वरी धाम परिसर के समीप सफलतापूर्वक लैंडिंग की। हेलीकॉप्टर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माँ मुंडेश्वरी के दर्शन-पूजन कर इस ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ किया।हेलीकॉप्टर की पहली लैंडिंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौके पर पहुंचे।

वर्षों से इस योजना का इंतजार कर रहे लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से माँ मुंडेश्वरी धाम तक देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहुंच आसान होगी तथा कैमूर जिले के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने अपने प्रथम कैमूर दौरे के दौरान जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। उन्हीं घोषणाओं में माँ मुंडेश्वरी धाम के लिए हेलीकॉप्टर टूरिज्म सेवा शुरू करने की योजना भी शामिल थी, जो अब धरातल पर उतर चुकी है।पर्यटन विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की गई है। इच्छुक यात्री विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से हेलीकॉप्टर सेवा की अग्रिम बुकिंग करा सकते हैं।

पटना से माँ मुंडेश्वरी धाम तक हेलीकॉप्टर यात्रा का प्रति व्यक्ति किराया ₹6000 निर्धारित किया गया है। प्रशासन का मानना है कि यह सुविधा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।हेलीकॉप्टर सेवा के शुभारंभ को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए थे। हेलिपैड से लेकर मंदिर परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही तथा अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।इस अवसर पर पटना से आए यात्री सचिन ने कहा कि माँ मुंडेश्वरी धाम के समग्र विकास की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और मजबूत होगी।

साथ ही मंदिर परिसर में बिखरे प्राचीन अवशेषों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियमों के अनुरूप संरक्षित एवं व्यवस्थित करने की भी योजना है।स्थानीय लोगों का मानना है कि हेलीकॉप्टर टूरिज्म शुरू होने से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खानपान और अन्य स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह पहल कैमूर को बिहार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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