
नुआंव में महाविद्यालय स्थापना की मांग तेज, पीएम श्री योजना स्थानांतरण का उठाया मुद्दाकैमूर/भभुआ (संवाददाता): कैमूर जिले के नुआंव प्रखण्ड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग सामने आई है। स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर +2 जायसवाल उच्च विद्यालय, नुआंव में प्रस्तावित सरकारी महाविद्यालय की स्थापना करने की मांग की है। साथ ही, उक्त विद्यालय से पीएम श्री योजना को हटाकर सर्वोदय उच्च विद्यालय, गुड़ियाँ में स्थानांतरित करने का भी आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि भारत सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा पीएम श्री योजना के अंतर्गत नुआंव प्रखण्ड के एक उच्च विद्यालय का चयन किया गया था, जिसमें +2 जायसवाल उच्च विद्यालय, नुआंव को शामिल किया गया है। लेकिन क्षेत्रीय आवश्यकताओं को देखते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि इस विद्यालय में महाविद्यालय की स्थापना अधिक उपयोगी होगी।लोगों ने अपने मांग पत्र में उल्लेख किया है कि नुआंव प्रखण्ड मुख्यालय के समीप सभी आवश्यक सरकारी सुविधाएं जैसे अस्पताल, थाना, अंचल कार्यालय आदि उपलब्ध हैं।
इसके अलावा यह क्षेत्र मुख्य मार्ग NH-319A से जुड़ा हुआ है, जिससे आवागमन की सुविधा सुगम है। नुआंव का मुख्य बाजार भी इसी क्षेत्र में स्थित है, जहां से छात्र-छात्राओं को परिवहन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं आसानी से मिल सकती हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रस्तावित सरकारी महाविद्यालय गुड़ियाँ स्थित सर्वोदय उच्च विद्यालय में स्थापित किया जाता है, तो प्रखण्ड के अकोल्ही, आंखनी, एवती, तरैथा, मुआंव एवं पजरांव पंचायतों के छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
खासकर यातायात और सुरक्षा के दृष्टिकोण से छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि भौगोलिक स्थिति और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए +2 जायसवाल उच्च विद्यालय, नुआंव महाविद्यालय स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। यह विद्यालय प्रखण्ड के केंद्र में स्थित है और यहां महाविद्यालय बनने से सभी वर्ग के छात्रों को समान रूप से लाभ मिलेगा।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित सरकारी महाविद्यालय की स्थापना नुआंव में ही की जाए तथा शैक्षणिक सत्र 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू कराई जाए।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस जन मांग पर क्या निर्णय लेता है।
कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)
