
राजगीर होटल में छापेमारी : 5 बालश्रमिक मुक्त संचालक पर प्राथमिकी दर्ज
दुर्गावती में बाल श्रम के विरुद्ध की गई कार्रवाईहोटल से 5 बाल श्रमिक विमुक्त,
नियोजक पर प्राथमिकी दर्जजिला पदाधिकारी महोदय के निदेशानुसार आज दिनांक 23 मई 2026 को श्रम संसाधन विभाग,
कैमूर के तत्वावधान में बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बाल श्रम रोकथाम एवं बाल श्रमिक विमुक्ति हेतु विशेष धावा दल अभियान चलाया गया।श्रम अधीक्षक श्री चंदन कुमार द्वारा गठित जिला धावा दल ने दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान संचालित किया। धावा दल का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, दुर्गावती श्री अजितेश कुमार तिवारी ने थाना प्रभारी श्री गिरीश कुमार के सहयोग से किया।अभियान के दौरान दुर्गावती प्रखंड अंतर्गत विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई। इसी क्रम में एनएच-2 के उत्तर दिशा स्थित कर्णपुरा के राजगीर होटल प्रतिष्ठान में 5 बाल श्रमिक कार्यरत पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से विमुक्त कराया गया।विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों में 3 बच्चे उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के निवासी हैं, जबकि 2बाल श्रमिक कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड का रहने वाला है।
सभी विमुक्त बाल श्रमिकों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दादर स्थित बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया गया। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान संचालक/नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।उल्लेखनीय है कि बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम, 1986 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य करवाना तथा 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों से जोखिमपूर्ण कार्य करवाना दंडनीय एवं संज्ञेय अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 2 वर्ष तक के कारावास एवं ₹50,000 तक के जुर्माने का प्रावधान है।इसके अतिरिक्त एम.सी. मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार प्रति विमुक्त बाल श्रमिक
₹20,000 अतिरिक्त क्षतिपूर्ति राशि वसूलने का भी प्रावधान है। वहीं राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक विमुक्त बाल श्रमिक को ₹3,000 की तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाती है।इस विशेष धावा दल अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री राजीव रंजन निखर (मोहनिया), श्री जय गोपाल नाथ सरकार (रामगढ़), चाइल्ड हेल्पलाइन भभुआ के पर्यवेक्षक श्री विनोद कुमार यादव, आलिया आध्यात्मिक अनुसंधान केंद्र से श्री राकेश कुमार, बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा पुलिस बल के जवान भी उपस्थित रहे।जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट )
