सांप काटने के बाद इलाज में देरी बनी जानलेवा झाड, फुक के चक्कर में महिला की मौत

चैनपुर/कैमूर। कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत तिवई गांव में जहरीले सांप के काटने के बाद समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से एक 44 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराए जाने की बात सामने आई है।

बुधवार को भभुआ सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया।मृतका की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के तिवई गांव निवासी हरवंश पासवान की पत्नी दुर्गा देवी (44 वर्ष) के रूप में हुई है। बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने घटना की जानकारी दी।मृतका के पति हरवंश पासवान ने बताया कि दुर्गा देवी गांव की अन्य महिलाओं के साथ बधार में शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया।

घटना के बाद महिला घर पहुंची और परिजनों को इसकी जानकारी दी।परिजनों ने आनन-फानन में महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय गांव के अमवा स्थित सती मां के स्थान पर झाड़-फूंक के लिए पहुंचाया। कुछ समय बाद तबीयत में हल्का सुधार होने पर उसे वापस घर ले आया गया। लेकिन देर रात अचानक महिला की हालत फिर बिगड़ने लगी।स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं यह घटना एक बार फिर सांप काटने जैसी आपात स्थिति में अंधविश्वास के बजाय तत्काल चिकित्सीय उपचार की आवश्यकता को उजागर करती है।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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