
शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत, भ्रष्टाचार पर सख्त हुए शिक्षा मंत्रीरामगढ़ दौरे में मिथिलेश तिवारी का स्पष्ट संदेश—
शिक्षा विभाग में अब केवल गुणवत्ता और जवाबदेही पर होगा फोकसजिला कैडर, महिला शिक्षकों की निकटतम पंचायत में पोस्टिंग और पोर्टल आधारित हाजिरी की घोषणा
रामगढ़ (कैमूर)। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को कैमूर जिले के रामगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। शिक्षा मंत्री बनने के बाद पहली बार कैमूर पहुंचे मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ज्ञान और संस्कार का केंद्र है, इसलिए यहां कार्यरत सभी लोगों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह “सरस्वती माता का मंत्रालय” है और यहां केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने का कार्य होना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।मंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही शिक्षकों का जिला कैडर बनाया जाएगा। शिक्षक जिस जिले का चयन करेंगे, वे उसी जिले के स्थायी कैडर में शामिल हो जाएंगे। यदि कोई शिक्षक बाद में जिला परिवर्तन कराता है तो उसकी पूर्व वरिष्ठता समाप्त हो जाएगी।महिला शिक्षकों को राहत देते हुए मंत्री ने घोषणा की कि उनकी पदस्थापना उनके घर के निकटतम पंचायत में की जाएगी, जबकि पुरुष शिक्षकों की नियुक्ति उनके नजदीकी प्रखंड में सुनिश्चित की जाएगी।
इससे शिक्षकों को आवागमन की समस्याओं से राहत मिलेगी और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी।उन्होंने बताया कि अब शिक्षकों की उपस्थिति शिक्षा विभाग के पोर्टल के माध्यम से दर्ज की जाएगी। साथ ही शिक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और परिणामों के आधार पर किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए “एक पद-एक शिक्षक” व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, जिससे प्रत्येक स्वीकृत पद पर एक ही शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित हो सके।मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की सुविधाओं और समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन शिक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।रामगढ़ क्षेत्र के विकास को लेकर भी मंत्री ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रखंड में एक-एक मॉडल विद्यालय का चयन किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा भूमिहीन विद्यालयों तथा उन्नयन की आवश्यकता वाले विद्यालयों की सूची तैयार कर विकास कार्यों को गति दी जाएगी।कार्यक्रम में पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह सहित भाजपा के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षक एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंत्री के संबोधन के दौरान शिक्षा सुधार से जुड़ी घोषणाओं को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
