
दहेज हत्या का आरोप, पांच दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में आक्रोशसात माह की गर्भवती थी महिलाविवाहिता की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल, पीड़ित पिता ने एसपी से मांगी न्याय की गुहार
मोहनियां (कैमूर)। मोहनियां थाना क्षेत्र के पतलवां गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतका के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
घटना के पांच दिन बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कैमूर से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।जानकारी के अनुसार, चैनपुर निवासी शेख मुन्नु ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अपनी पुत्री शिबा खातून की मौत की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री की शादी 13 फरवरी 2021 को मोहनियां थाना क्षेत्र के पतलवां गांव निवासी शेख आसिफ के साथ हुई थी।पीड़ित पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति एवं ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य दहेज की मांग को लेकर उनकी पुत्री को लगातार प्रताड़ित करते थे।
मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी परेशान किया जाता था।परिजनों के अनुसार, 14 जून 2026 की शाम उन्हें फोन पर शिबा खातून की मौत की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद जब वे परिजनों के साथ उसकी ससुराल पहुंचे तो शिबा मृत अवस्था में मिली। उस समय घर पर ससुराल पक्ष का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। पिता का कहना है कि मृतका के मुंह से खून निकल रहा था, जिससे उन्हें घटना पर संदेह हुआ।घटना की सूचना मिलने पर मोहनियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेजा।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।पीड़ित पिता ने बताया कि इस मामले में मोहनियां थाना कांड संख्या 437/2026 दर्ज किया गया है, लेकिन घटना के पांच दिन बीत जाने के बावजूद किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता से परिवार का भरोसा टूट रहा है और आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं।मृतका के परिजनों का आरोप है कि शिबा खातून की हत्या तकिये से मुंह दबाकर की गई है। परिवार का दावा है कि मृतका सात माह की गर्भवती थी तथा उसका एक दो वर्षीय पुत्र भी है। ऐसे में उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।मामले में नया मोड़ तब आया जब परिजनों ने गांव के मुखिया शकील मुखिया पर भी गंभीर आरोप लगाए।
उनका कहना है कि मुखिया द्वारा समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है तथा पैसे का लालच देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।पीड़ित परिवार ने कहा कि उनकी बेटी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और उन्हें केवल न्याय चाहिए। परिजनों ने पुलिस पर भी आरोपियों के प्रति नरमी बरतने तथा मामले की निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाया है।परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। अब पूरे मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
