
चैनपुर के मदुराना पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन,ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता, जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान और कानूनी अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
भभुआ (कैमूर)। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के मार्गदर्शन में रविवार को चैनपुर प्रखंड के मदुराना पंचायत भवन परिसर में एक दिवसीय विधिक जागरूकता एवं कानूनी साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के आम नागरिकों, वंचित एवं कमजोर वर्गों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ‘नाल्सा (संवाद) योजना-2025’ एवं स्थायी लोक अदालत की उपयोगिता से अवगत कराना था।शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता मनीष कुमार गोड़ ने कहा कि ‘नाल्सा (संवाद) योजना-2025’ का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक न्याय की आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से महादलित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आदिवासी, घुमंतू समुदाय एवं अन्य वंचित वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही है।उन्होंने स्थायी लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिजली, पेयजल, डाक, टेलीफोन, सार्वजनिक परिवहन, अस्पताल, बीमा दावा जैसी जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का त्वरित एवं सरल समाधान बिना किसी कोर्ट फीस के किया जाता है।
उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत को गुण-दोष के आधार पर निर्णय देने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है तथा उसके द्वारा पारित आदेश सिविल न्यायालय की डिक्री के समान प्रभावी एवं बाध्यकारी होते हैं, जिनके विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं है।कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा-लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) राजेश गोंड ने ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित एवं पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मुफ्त कानूनी सलाह और अधिवक्ता की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न अथवा जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित शिकायत होने पर बिना संकोच जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर से संपर्क करें।शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने अपने कानूनी अधिकारों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। कार्यक्रम में मदुराना पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, पंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला एवं पुरुष मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस जन-जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण समाज के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
