लोहे के तहखाने में छिपी थी 4815 लीटर शराब, उत्पाद विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप

तहखाने में छिपाकर लाई जा रही थी 75 लाख की शराब, चेकपोस्ट पर खुला तस्करी का राज4815 लीटर शराब जब्त, चालक-सहचालक गिरफ्तार; बोतलों के बैच नंबर भी मिटाए गए थे

मोहनिया/कैमूर। दिल्ली-कोलकाता हाईवे स्थित समेकित जांच चौकी के उत्पाद चेकपोस्ट पर मंगलवार अहले सुबह उत्पाद विभाग की टीम ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। यूपी की ओर से बिहार में प्रवेश कर रहे 14 चक्का ट्रक से करीब 4815 लीटर शराब बरामद की गई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 70 से 75 लाख रुपये बताई जा रही है। शराब को ट्रक में बनाए गए लोहे के गुप्त तहखाने में छिपाकर लाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक चालक और सहचालक को गिरफ्तार कर लिया।उत्पाद विभाग के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच की जा रही थी।

इसी दौरान यूपी की ओर से आ रहे ट्रक संख्या PB13B8166 को रोककर तलाशी ली गई। पहली नजर में ट्रक में सड़े हुए गोबर जैसी खाद लदी हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन जांच के दौरान अधिकारियों को ट्रक के अंदर लोहे से बना एक गुप्त तहखाना मिला। तहखाना खोलने पर उसके अंदर शराब की बड़ी खेप देखकर उत्पाद विभाग की टीम भी सतर्क हो गई।खाद के बीच छिपाकर रखी गई थी शराबतस्करों ने शराब की खेप को सामान्य माल के बीच छिपाने के लिए ट्रक में विशेष तरीके से लोहे का तहखाना तैयार कराया था। इसके ऊपर खाद जैसा सामान रखा गया था, ताकि बाहर से देखने पर शराब की भनक तक न लगे। उत्पाद विभाग की टीम ने तहखाने को खोलकर उसमें रखे कार्टन बाहर निकाले और शराब की गिनती व जांच की।जांच में करीब 4815 लीटर शराब बरामद होने की पुष्टि हुई।

विभाग ने इसकी बाजार कीमत करीब 70 से 75 लाख रुपये आंकी है।पंजाब से बिहार पहुंचाई जा रही थी खेपपूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने शराब की खेप पंजाब से बिहार लाए जाने की जानकारी दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितेश कुमार और विकास कुमार, दोनों निवासी हरियाणा के रूप में हुई है। दोनों से उत्पाद विभाग की टीम पूछताछ कर रही है।विभाग के अनुसार, तस्करों ने शराब की पहचान छिपाने के लिए बोतलों पर दर्ज बैच नंबर तक मिटा दिए थे। आशंका है कि बिहार में शराब के कारोबारियों तक खेप पहुंचाने से पहले उसकी पहचान और स्रोत को छिपाने की तैयारी की गई थी।पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में जुटा विभागउत्पाद चेकपोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था।

इसी दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के क्रम में ट्रक के अंदर लोहे का गुप्त तहखाना मिला, जिसमें छिपाकर रखी गई करीब 4815 लीटर शराब बरामद हुई।उन्होंने बताया कि जब्त शराब की अनुमानित कीमत 70 से 75 लाख रुपये है। गिरफ्तार चालक और सहचालक से पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर शराब की खेप के पीछे जुड़े अन्य लोगों और इसके संभावित कारोबारी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई के बाद शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। अब विभाग की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी खेप बिहार में कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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