
मंडल कारा भभुआ में बंदियों को मिली कानूनी अधिकारों की जानकारीप्ली बारगेनिंग व जागृति योजना-2025 पर हुआ जागरूकता कार्यक्रम
भभुआ (कैमूर), 19 जुलाई।कैमूर जिले के मंडल कारा भभुआ में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा लंबित मामलों के त्वरित एवं विधिसम्मत निष्पादन की जानकारी देने के उद्देश्य से एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), कैमूर के कुशल निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया, निःशुल्क विधिक सहायता तथा कानून द्वारा उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी देना था, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर समय पर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें।कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह एवं पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV) गौरव सिंह ने बंदियों को विस्तारपूर्वक विधिक जानकारी प्रदान की।
मुख्य वक्ता अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने अपने संबोधन में ‘प्ली बारगेनिंग (Plea Bargaining)’ और ‘अपराधों के शमन (Compounding of Offences)’ की कानूनी व्यवस्था को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि इन प्रावधानों के माध्यम से पात्र बंदी अपने लंबित मामलों का शीघ्र एवं नियमानुसार निपटारा करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आती है तथा अनावश्यक मुकदमेबाजी में भी कमी आती है।कार्यक्रम के दौरान बंदियों को ‘जागृति योजना, 2025 (JAGRITI Scheme, 2025)’ की भी विस्तृत जानकारी दी गई। योजना के तहत बंदियों के पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक पुनर्स्थापन तथा जेल में उपलब्ध विधिक सहायता संबंधी अधिकारों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक बंदी को न्याय प्राप्त करने का समान अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।पारा विधिक स्वयंसेवक गौरव सिंह ने बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर अथवा जरूरतमंद बंदी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से बिना किसी शुल्क के अधिवक्ता एवं अन्य कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।कार्यक्रम में उपस्थित बंदियों ने भी अपनी कानूनी समस्याओं एवं लंबित मामलों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका पैनल अधिवक्ता द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। इससे बंदियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ी और उन्हें अपने अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी विकल्पों की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हुई।
इस अवसर पर मंडल कारा भभुआ के उपाधीक्षक पुष्पराज, कारा प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। उपाधीक्षक पुष्पराज ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों को कानूनी जानकारी देने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी बंदियों से अपील की कि वे सरकार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।कार्यक्रम का समापन बंदियों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा उपलब्ध विधिक सहायता का उपयोग कर न्याय प्राप्त करने के संदेश के साथ किया गया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
