शिक्षा के क्षेत्र में कैमूर को मिली बड़ी सौगात, ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

मुख्यमंत्री ने कैमूर के 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का किया ऑनलाइन उद्घाटनशिक्षा के क्षेत्र में कैमूर के लिए ऐतिहासिक दिन, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

भभुआ (कैमूर), 19 जुलाई 2026।कैमूर जिले के लिए रविवार का दिन शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया। बिहार के माननीय मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कैमूर जिले के 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस पहल के साथ जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी एवं रोजगारोन्मुख बनाना है।

उद्घाटन के साथ ही कैमूर जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित इन आदर्श विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत हो गई।इस अवसर पर जिले के सभी चयनित विद्यालयों में गरिमामय उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया।उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन का सभी विद्यालयों में सजीव प्रसारण किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण, नवाचार, डिजिटल शिक्षा, समग्र व्यक्तित्व विकास तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था ही विकसित बिहार और विकसित भारत की मजबूत नींव है।कैमूर जिले में जिन 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का उद्घाटन किया गया, उनमें भभुआ प्रखंड के महसूआ, भगवानपुर के जैतपुरकला, अधौरा के बहेरा, चैनपुर के चिताढ़ी, चांद के बहुआरा, दुर्गावती के धनेच्छा, मोहनिया के बरहुली, रामगढ़ के देवहलिया, नुआंव के बनका बहुआरा, कुदरा के जहानाबाद तथा रामपुर के नौहट्टा स्थित विद्यालय शामिल हैं।इन सभी आदर्श विद्यालयों को आधुनिक आधारभूत संरचना से सुसज्जित किया गया है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, समृद्ध पुस्तकालय, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, खेलकूद एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया गया है।

इन विद्यालयों के संचालन से विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, डिजिटल साक्षरता, नवाचार, रचनात्मक सोच तथा जीवन कौशल का विकास सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।कैमूर जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि इन आदर्श विद्यालयों के संचालन से जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। आने वाले समय में ये विद्यालय न केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेंगे, बल्कि जिले के अन्य विद्यालयों के लिए भी उत्कृष्टता, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रेरणा केंद्र के रूप में स्थापित होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल कैमूर जिले को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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