
बीमारी दूर करने और स्वस्थ रहने का झांसा देकर वारदात को दिया अंजाम, पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा
मोहनिया (कैमूर)। मोहनिया थाना क्षेत्र के स्टुवरगंज में हवन-पूजा के नाम पर एक महिला से करीब 9 लाख रुपये मूल्य के जेवरात ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लोगों ने महिला को उसके संबंधी की बीमारी दूर करने और परिवार के लोगों को स्वस्थ रखने का झांसा देकर पूजा-पाठ कराने की बात कही और इसी बहाने उसके कीमती आभूषण अपने कब्जे में ले लिए। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ईश्वर दयाल यादव, पिता स्वर्गीय धर्म यादव तथा अर्जुन कुमार, पिता ईश्वर यादव के रूप में हुई है।
दोनों आरोपी रायगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत छेवरी गांव के रहने वाले बताए गए हैं।बीमारी ठीक कराने का दिया झांसाबताया जाता है कि महिला के किसी संबंधी की तबीयत खराब थी। इसी दौरान आरोपियों ने महिला को विश्वास में लेते हुए बीमारी दूर करने तथा परिवार को स्वस्थ रखने के लिए विशेष हवन-पूजा कराने की बात कही। आरोप है कि पूजा के नाम पर महिला को अपने प्रभाव में लेकर उसके जेवरात मंगवाए गए।महिला ने आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए अपने कीमती आभूषण उन्हें सौंप दिए। इन जेवरातों की कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई जा रही है।
जेवरात हासिल करने के बाद आरोपियों द्वारा महिला को गुमराह किए जाने और ठगी किए जाने की बात सामने आई।शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाईघटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला से ठगे गए करीब 9 लाख रुपये के जेवरात कहां हैं और इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
पुलिस द्वारा बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है।पूजा-पाठ के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपीलघटना के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों से अपील की जा रही है कि बीमारी ठीक कराने, परिवार की परेशानी दूर करने या किसी अनहोनी से बचाने के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति पूजा-पाठ या हवन के नाम पर जेवरात अथवा बड़ी रकम की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। पुलिस जांच और पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ठगी की पूरी वारदात किस योजना के तहत की गई और इसमें अन्य लोगों की कोई संलिप्तता है या नहीं।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
