
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना’ का किया शुभारंभ, 9 सोलर रथ रवाना
कैमूर, 22 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को गति देने और अधिक से अधिक परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना’ की शुरुआत की। पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों में किया गया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले बिहार के 25 हजार लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की गई। साथ ही सौर ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री ने 9 सोलर रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्युत वितरण कंपनियों और जीविका के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) भी हुआ। इसके माध्यम से जीविका दीदियों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘सोलर सेवा सेतु कैंप’ का निरीक्षण कर योजना के लाभार्थियों से संवाद भी किया।3 किलोवाट सोलर पर मिल सकती है ₹98 हजार तक सहायताप्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 1 किलोवाट पर ₹30 हजार, 2 किलोवाट पर ₹60 हजार तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम ₹78 हजार की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त बिहार सरकार 1 किलोवाट पर ₹10 हजार और 3 किलोवाट तक अधिकतम ₹20 हजार की अतिरिक्त सहायता दे रही है। इस तरह 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले पात्र उपभोक्ता को केंद्र और राज्य सरकार से मिलाकर अधिकतम ₹98 हजार तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
कैमूर में 318 घरों में लगा रूफटॉप सोलरकैमूर जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक 318 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र का अधिष्ठापन किया जा चुका है। जिले में अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड और ग्राम पंचायतों को भी प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। नगर निगम के वार्ड को न्यूनतम 30, नगर परिषद में 20 और नगर पंचायत में 15 सत्यापित अधिष्ठापन प्रतिमाह के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं सर्वाधिक प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायत को न्यूनतम 20 सत्यापित अधिष्ठापन प्रतिमाह पर ₹1 लाख प्रति जिला प्रति माह की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।
राज्य सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना, घरेलू बिजली बिल का बोझ कम करना तथा पंचायत एवं शहरी निकाय स्तर पर सौर ऊर्जा को लेकर जनभागीदारी बढ़ाना है।कैमूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी श्री कुमार अनुराग, विधान परिषद सदस्य श्री संतोष कुमार सिंह, विधायक श्री भरत बिन्द, श्रीमती संगीता कुमारी एवं श्री सतीश कुमार यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता भभुआ ई. शशिकांत कुमार, सहायक एवं कनीय विद्युत अभियंता तथा अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद रहे
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
