
की आंखों के सामने ओवरलोड गाड़ियों की बेखौफ आवाजाही, सड़कों की हालत बदहालकैमूर (चैनपुर): कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भारतमाला परियोजना के तहत मिट्टी की ढुलाई का कार्य तेज़ी से चल रहा है। यह परियोजना देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन इसके साथ ही ओवरलोड हाइवा और डंपरों की बेधड़क आवाजाही से स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिन सड़कों से होकर मिट्टी लदे भारी वाहन गुजर रहे हैं, वे पहले से ही जर्जर स्थिति में थीं। अब ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों में गड्ढे बन गए हैं, जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं और कई हिस्सों में सड़क धंसने लगी है। इससे आम लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि ओवरलोड हाइवा डंपरों की रफ्तार भी काफी तेज रहती है, जिससे गांवों में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
कई बार तो सड़क किनारे खड़े लोगों को धूल और तेज रफ्तार के कारण खतरे का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की आंखों के सामने यह सब हो रहा है, बावजूद इसके ओवरलोड गाड़ियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। कुछ लोगों ने इसे प्रशासन की अनदेखी तो कुछ ने मिलीभगत तक करार दिया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच की जाए, वजन सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराई जाए।
साथ ही गांवों के भीतर भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने की भी मांग की गई है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेता है और आम जनता को राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)
