
सुधार पोर्टल खोले जाने की मांग को लेकर किसानों ने की बैठकरिजेक्ट किए गए आवेदन को लेकर किसान हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगेबीडीओ एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी को दिया ज्ञापनचांद प्रखंड में बाढ़ एवं बे मौसम बरसात से फसल क्षतिपूर्ति इनपुट राशि के लिए किए गए आवेदन को रिजेक्ट करने का मामला गरमाने लगा है। प्रखंड में जमा हुए दर्जनों किसानों ने आंदोलन तेज करने एवं हाईकोर्ट में मामला दर्ज करने पर विचार किया।
फसल क्षतिपूर्ति इनपुट राशि के लिए किए गए 1536 आनलाइन आवेदन रिजेक्ट किए जाने पर नाराज़ किसानों ने भारतीय किसान मजदूर यूनियन कैमूर की बैनर तले सोमवार को प्रखंड मुख्यालय में बैठक किया। बैठक में शामिल दर्जनों किसानों ने माता पिता एवं दादा दादी के नाम से जमाबंदी रैयत के वंशजों के द्वारा किए गए आवेदन को रिजेक्ट किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर एक सप्ताह में फसल क्षतिपूर्ति इनपुट राशि के लिए किए गए 1536 रिजेक्ट आवेदन को सही करने के लिए सुधार पोर्टल खोले जाने की मांग की। किसानों ने कहा सभी वास्तविक रैयत है जिनकी धान एवं अन्य फसलें बाढ़ एवं बे मौसम बरसात में बर्बाद हो गई थी ऐसे में किसानों को फसल क्षतिपूर्ति इनपुट राशि से वंचित नहीं किया जा सकता है ।

किसानों ने कहा सुधार पोर्टल खोलकर रिजेक्ट आवेदन को सुधार करने का एक मौका किसानों को मिलना चाहिए। सुधार पोर्टल खोले जाने पर रिजेक्ट आवेदन वाले किसान अपने आवेदन सुधार कर क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में शामिल अभिमन्यु सिंह जिलाध्यक्ष भारतीय किसान मजदूर यूनियन कैमूर ने कहा फसल क्षतिपूर्ति राशि के लिए किसानों के द्वारा किए गए आवेदन को बिना सुधार का मौका दिए बिना आवेदन रिजेक्ट किया जाना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने ने जिलाधिकारी कैमूर जिला कृषि पदाधिकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी से मांग की बिना देर किए सुधार पोर्टल खोले जाने की मांग की।
उन्होंने ने चेतावनी दी की अगर सुधार पोर्टल बिना खोले 1536 आवेदन करने वाले किसानों को फसल क्षतिपूर्ति इनपुट राशि से वंचित किया गया तो कैमूर जिले में किसान बड़ा आंदोलन करने को तैयार है। अभिमन्यु सिंह ने कहा 1536 किसानों को फसल क्षतिपूर्ति इनपुट राशि का भुगतान नहीं किया गया तो न्याय के लिए किसान हाईकोर्ट जाएंगे।बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता अर्जुन सिंह कुशवाहा ने कहा बिना संघर्ष किए आपकी कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने ने कहा बाढ़ एवं बे मौसम बरसात से प्रखंड में बड़ी मात्रा में धान की फसल बर्बाद हुई थी।
अर्जुन सिंह कुशवाहा ने कहा प्रखंड के किसानों को केवल दो दिन ही आवेदन करने का मौका मिला। किसान हड़बड़ी में ग़लत आवेदन कर दिया। उन्होंने ने सुधार पोर्टल खोलकर रिजेक्ट आवेदन को सुधार करने का मौका किसानों को देने की मांग की। अर्जुन सिंह कुशवाहा ने फसल क्षतिपूर्ति राशि देने में अनियमितता की जांच की मांग की। बैठक में कई किसानों ने विचार व्यक्त किए। बैठक के बाद किसानों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी चांद एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी चांद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों के आवेदन सुधार करने के लिए सुधार पोर्टल खोले जाने एवं क्षतिपूर्ति इनपुट राशि वितरण में अनियमितता की जांच की मांग की गई है।
बैठक में श्याम विकारी सिंह श्रीकांत सिंह ठाकुर प्रसाद गोंड इंद्रबली सिंह मुन्ना सिंह रामेश्वर प्रसाद सुजीत कुमार सिंह आदि सैकड़ों किसान शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भारतीय किसान मजदूर यूनियन कैमूर एवं संचालन अर्जुन सिंह कुशवाहा ने किया।
। ( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)
