
विश्व गौरैया दिवस पर कस्तूरबा विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजितआज दिनांक 20.03.2026 दिन शुक्रवार को “विश्व गौरैया दिवस” के अवसर पर पर्यावरण प्रेमी शिवम कुमार के नेतृत्व में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, (देवकली),मोहनियां कैमूर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और गौरैया संरक्षण के प्रति अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई।इस अवसर पर छात्राओं द्वारा कृत्रिम घोंसले, पेंटिंग एवं स्लोगन तैयार किए गए। साथ ही बनाए गए घोंसलों को विभिन्न पेड़-पौधों एवं उपयुक्त स्थानों पर स्थापित किया गया, ताकि पक्षियों को सुरक्षित आवास मिल सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्लोगन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में लेखपाल दिलीप शुक्ला एवं वार्डन सुनीता कुमारी शामिल रहीं।पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रीति कुमारी, द्वितीय स्थान पूजा कुमारी एवं तृतीय स्थान रितु कुमारी ने प्राप्त किया।
स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान चांदनी कुमारी, द्वितीय स्थान पूजा कुमारी एवं तृतीय स्थान शिवानी कुमारी रही। इसके अतिरिक्त मुखबधिर छात्राओं के लिए मूर्ति कला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रथम स्थान संजू कुमारी, द्वितीय स्थान अंजली कुमारी, तृतीय स्थान शिवानी रही।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन क्षेत्र पदाधिकारी संतोष चौधरी, वनपाल राकेश कुमार, वनरक्षी रूबी कुमारी, रामेश्वर एवं रविदास उपस्थित रहे। सभी अतिथियों द्वारा विजेता छात्राओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी शिवम कुमार ने कहा कि घर-आंगन में चहकने-फुदकने वाली नन्ही गौरैया हमारी जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, लेकिन समय के साथ हमने उसका ध्यान रखना कम कर दिया, जिससे वह हमसे दूर होती चली गई। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि गौरैया संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है, विशेषकर बिहार के राजकीय पक्षी के रूप में इसका संरक्षण आवश्यक है। यह दिवस एक दिन का नहीं है हमें प्रत्येक दिन पक्षियों के लिए दाना पानी रखना चाहिए और उसका ध्यान रखना चाहिए।वनों के क्षेत्र पदाधिकारी संतोष चौधरी ने बताया की कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हम सभी मिलकर गौरैया मित्र बनें और उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करें। यह दिवस पक्षियों के संरक्षण एवं जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)
