भभुआ रोड़ स्टेशन पर इंसानियत की मिसाल रेल कर्मियों की तत्परता से सुरक्षित हुआ प्रसव

भभुआ रोड स्टेशन पर मानवीय संवेदना की मिसाल: प्लेटफार्म पर महिला ने दिया बच्ची को जन्म, रेलकर्मियों की तत्परता से बची जान

कैमूर/मोहनियां, 06 अप्रैल 2026।भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई, जहां रेलकर्मियों और सुरक्षा बलों की तत्परता एवं मानवीय संवेदना के चलते एक गर्भवती महिला ने सुरक्षित रूप से एक बच्ची को जन्म दिया।

इस सराहनीय कार्य के लिए परिजनों ने रेल प्रशासन और सुरक्षा टीम के प्रति आभार जताया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 06 अप्रैल 2026 को भभुआ रोड स्टेशन परिसर में स्टेशन अधीक्षक (SS) भभुआ के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था के तहत सहायक उप निरीक्षक प्रवीण कुमार ओझा, आरक्षी कैशर जमाल खान,

जीआरपी/भभुआ के इंचार्ज मुना कुमार, आरक्षी राजीव कुमार तथा महिला आरक्षी मधु साहनी एवं रिकु कुमारी ड्यूटी पर तैनात थे।इसी दौरान ट्रेन संख्या 63293 अप सुबह 11:32 बजे प्लेटफार्म संख्या-2 पर पहुंची। उक्त ट्रेन से उतरने वाली महिला रिना देवी (22 वर्ष), पति लालू चौधरी, निवासी कझार, थाना कुदरा, जिला कैमूर अपनी मां चिंता देवी (45 वर्ष) के साथ नियमित जांच के लिए अनुमंडलीय अस्पताल मोहनियां जा रही थीं।

ट्रेन से उतरते ही महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए अनुमंडलीय अस्पताल मोहनियां के चिकित्सकों से संपर्क कर एंबुलेंस की मांग की। लेकिन प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ जाने के कारण इंतजार करना संभव नहीं था।ऐसी परिस्थिति में महिला आरक्षियों, अन्य कर्मचारियों और महिला की मां के सहयोग से प्लेटफार्म पर ही चारों ओर पर्दा लगाकर सुरक्षित माहौल तैयार किया गया।

तत्पश्चात, सभी आवश्यक सावधानियों के बीच महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।इसी दौरान महिला की मौसी मुन्नी देवी (52 वर्ष), जो आशा कार्यकर्ता (नर्स) के रूप में कार्यरत हैं, भी मौके पर पहुंच गईं और उन्होंने प्रसव प्रक्रिया में सहयोग किया। लगभग 12:30 बजे एंबुलेंस स्टेशन पर पहुंची, जिसके बाद जच्चा-बच्चा, महिला की मां एवं मौसी को सुरक्षित अनुमंडलीय अस्पताल मोहनियां भेजा गया।इस मानवीय कार्य से प्रभावित होकर महिला के परिजनों ने रेल प्रशासन, आरपीएफ एवं जीआरपी टीम के सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी रेलकर्मियों की तत्परता और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की।यह घटना न केवल रेलकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में मानवता और सहयोग की भावना सबसे बड़ी ताकत होती है।

( कैमुर से अफसार आलम की रीपोर्ट)

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