
कैमूर में अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष की पहल—उलेमा व बुद्धिजीवियों संग सामाजिक मुद्दों पर मंथन
भभुआ (कैमूर): बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य गुलाम रसूल बाल्यावी के कैमूर दौरे के दौरान सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों को लेकर अहम पहल देखने को मिली। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे बाल्यावी का जिले में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।दौरे के दूसरे दिन भभुआ स्थित सर्किट हाउस में उलेमा, मस्जिदों के इमाम, मदरसों के शिक्षकों तथा मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों के साथ एक महत्वपूर्ण मसावर्ती बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में समुदाय से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरतापूर्वक चर्चा हुई।बैठक के दौरान मस्जिदों और मदरसों की सुरक्षा एवं उनके विकास, मदरसों की घटती संख्या, मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं, निकाह-शादी में बढ़ती फिजूलखर्ची पर नियंत्रण, धार्मिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च तथा उर्दू भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे विषय प्रमुख रूप से उठाए गए।
अपने संबोधन में गुलाम रसूल बाल्यावी ने समाज को आत्ममंथन की जरूरत बताते हुए कहा कि हमें अपनी वर्तमान स्थिति का आकलन कर आगे की दिशा तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि मस्जिद और मदरसे समाज की अपनी संस्थाएं हैं, जिन्हें लोगों के सहयोग से संचालित किया जाता है, लेकिन वर्तमान समय में इन पर सवाल उठना चिंताजनक है।
उन्होंने समाज से एकजुट होकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता और फिजूलखर्ची जैसी बुराइयों को समाप्त करने की अपील की।बैठक के अंत में समाज के समग्र विकास, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए कई सुझाव सामने आए। उपस्थित लोगों ने इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्य करने का संकल्प भी लिया।
( कैमुर से अफसार आलम)
